लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Mobile Effects:मोबाइल इस्तेमाल करने वाले हर किसी को जान लेनी चाहिए ये जरूरी बात, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा – Do Mobile Phones Cause Brain Cancer Know Electromagnetic Waves Risks On Health

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

मोबाइल फोन हम सभी की जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलने से लेकर रात को सोने तक शायद ही कोई ऐसा पल होता हो, जब फोन हमारे हाथ से दूर रहता हो। लेकिन जितनी तेजी से मोबाइल का इस्तेमाल बढ़ा है, उसे लेकर कई रिपोर्ट्स लगातार चिंता जताती रही हैं। मोबाइल के इस्तेमाल से निकलने वाली ब्लू लाइट को नींद, ब्रेन हेल्थ के लिए नुकसानदायक बताया जाता रहा है। 

मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल ये भी रहा है कि क्या घंटों मोबाइल पर बात करना या लंबे समय तक फोन का इस्तेमाल करना ब्रेन ट्यूमर या कैंसर के खतरे को भी बढ़ा देता है?

सोशल मीडिया पर वायरल इससे संबंधित कई पोस्ट में दावा किया जाता रहा है कि मोबाइल से निकलने वाला रेडिएशन दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है। लंबे समय में इससे ब्रेन ट्यूमर होने का भी खतरा रहता है, क्या वास्तव में ऐसा है?

इसको लेकर वैज्ञानिकों की एक टीम ने जरूरी जानकारी साझा की है, जो हर किसी को जरूर जाननी चाहिए।




do mobile phones cause brain cancer know Electromagnetic waves risks on health

मोबाइल का इस्तेमाल
– फोटो : Adobe Stock


मोबाइल का इस्तेमाल क्या वास्तव में खतरनाक

मोबाइल कई तरह की तरंगे निकालता है। हमारे चारों ओर भी विद्युत-चुंबकीय तरंगें मौजूद होती हैं। इन्हीं की मदद से हमें रेडियो पर गाने सुनने, वाई-फाई चलाने, जीपीएस (सैटेलाइट नेविगेशन) से रास्ता ढूंढने और मोबाइल फोन से बात करने की सुविधा देती हैं। ये तरंगें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का ही एक हिस्सा हैं।

रेडिएशन शब्द सुनकर अक्सर लोग डर जाते हैं, लेकिन हर तरह का रेडिएशन खतरनाक नहीं होता। मोबाइल फोन से निकलने वाली तरंगें इस स्पेक्ट्रम के सबसे कम ऊर्जा वाले हिस्से में आती हैं। यानी इनमें ऊर्जा बहुत कम होती है।  

चूंकि कई अध्ययनों में पाया गया है कि एक्स-रे जैसी हाई एनर्जी वाली किरणें कैंसर का खतरा बढ़ा सकती हैं, इसलिए लोगों यह चिंता बनी हुई है कि कहीं मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो तरंगें भी इंसानों के लिए नुकसानदायक तो नहीं हैं?

 

  • इसी चिंता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वर्ष 2019 में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों के स्वास्थ्य पर असर को समझने के लिए 13 वैज्ञानिक समीक्षाएं करवाई थीं।
  • हालिया अध्ययन में में इन्हीं 13 समीक्षाओं के निष्कर्षों का विश्लेषण किया गया है। 
  • इसमें मोबाइल फोन से निकलने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों के कारण मस्तिष्क, सिर या गर्दन में कैंसर का कोई भी लिंक नहीं मिला।


do mobile phones cause brain cancer know Electromagnetic waves risks on health

मोबाइल फोन का ब्रेन पर असर
– फोटो : Freepik.com


अध्ययन में क्या सामने आया?

वैज्ञानिकों की अलग-अलग टीमों ने पहले से प्रकाशित हजारों अध्ययनों का विश्लेषण किया। 

 

  • ब्रेन कैंसर वाली समीक्षा के लिए साल 1994 से 2022 के बीच प्रकाशित 63 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया।
  • इसमें पाया गया कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल और ब्रेन कैंसर, सिर के कैंसर या गर्दन के कैंसर का कोई लिंक नहीं है।
  • इतना ही नहीं, इससे कोई फर्क भी नहीं पड़ा कि कोई व्यक्ति मोबाइल का कितना ज्यादा या कितने वर्षों से इस्तेमाल कर रहा था।
  • वैज्ञानिकों ने यह भी पाया गया कि रेडियो और टेलीविजन ट्रांसमिशन से निकलने वाली तरंगों से भी कैंसर का खतरा नहीं रहता है।


do mobile phones cause brain cancer know Electromagnetic waves risks on health

मोबाइल फोन का इस्तेमाल
– फोटो : Freepik.com


क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वैज्ञानिकों ने कहा, अगर मोबाइल फोन वास्तव में ब्रेन कैंसर का खतरा बढ़ाते, तो जैसे-जैसे मोबाइल फोन का इस्तेमाल बढ़ा, वैसे-वैसे ब्रेन कैंसर के मामलों में भी साफ बढ़ोतरी दिखाई देती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उदाहरण के तौर पर ऑस्ट्रेलिया में 1980 के दशक से अब तक सभी प्रकार के ब्रेन कैंसर की दर लगभग स्थिर बनी हुई है, जबकि मोबाइल फोन का व्यापक इस्तेमाल तो इसके कई साल बाद शुरू हुआ।

वैज्ञानिकों ने यह भी साफ कहा कि विज्ञान कभी यह 100 प्रतिशत साबित नहीं कर सकता कि किसी चीज से बिल्कुल भी जोखिम नहीं है। लेकिन फिलहाल उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण यही बताते हैं कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से कैंसर का खतरा नहीं है। मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल कई दूसरी तरह की दिक्कतें बढ़ाता हुआ देखा गया है, जिसको लेकर अलर्ट रहना चाहिए। विशेषतौर पर बच्चों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को कम करना बहुत जरूरी है। 

————–

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

नोएडा-दिल्ली दुष्कर्म:आरोपी की मां ने कहा- मेरा बेटा निर्दोष, उसे फंसाया गया; ‘उन लोगों’ की तरफ किया इशारा – Noida-delhi Misdeed Case: Mother Says My Son Is Innocent, He Has Been Framed

यूपी:राहुल गांधी पर हुई Fir भड़के अखिलेश यादव, कहा- भाजपा की दलित विरोधी सोच के चलते हुआ ये एक्शन – Up: Akhilesh Yadav Furious Over Fir Filed Against Rahul Gandhi, Says Action Taken Due To Anti-dalit Thinking

केपीएससी भर्ती विवाद:’सबूत मिले तो राजनीति छोड़ दूंगा’; कुमारस्वामी के आरोपों पर क्या बोले प्रियांक खरगे? – Karnataka Minister Priyank Kharge Offers To Quit Politics If Role In Kpsc ‘irregularities’ Proved

ऑनर किलिंग:बॉयकट हेयर और बाहर नौकरी करने से नाराज पिता ने बेटी का गला दबाकर मार डाला, चाचा भी बना आरोपी – Mp Dabra Honor Killing Father Uncle Chacha Accused Of Killing 21 Year Old Daughter Over Boycut Hair Job

अन्नू कपूर का विवादित बयान:रणबीर और रणवीर पर क्या बोल गए अन्नू कपूर? यूजर्स बोले- आप कौन हो पहले ये बताओ? – Annu Kapoor Says He Doesnt Know Ranbir Kapoor Ranveer Singh Or Sidharth Malhotra Video Goes Viral

राजस्थान:अलवर में पतंग लूटते समय बोरवेल में गिरा 9 साल का मासूम, 45 फीट नीचे फंसा; एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा – Rajasthan: 9-year-old Child Falls Into A Borewell While Chasing A Kite In Alwar; Trapped 45 Feet Deep.

Leave a Comment