10:51 AM, 31-May-2026
पीएम मोदी ने किया था जम्मू-कश्मीर के कलारी चीज का जिक्र
इसी एपिसोड में पीएम मोदी ने जम्मू-कश्मीर के उधमपुर की एक पारंपरिक स्वादिष्ट चीज ‘कलारी चीज’ का भी विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने चीज को भारत की सांस्कृतिक विरासत का एक हिस्सा बताया और कुछ समय पहले ब्राजील में हुई अंतर्राष्ट्रीय चीज प्रतियोगिता में इसे मिली ‘वैश्विक पहचान और सफलता’ की सराहना की। कलारी चीज को कश्मीर का मोजेरेला भी कहा जाता है। उसके विशेष जिक्र के बाद इस स्थानीय व्यंजन की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला।
10:50 AM, 31-May-2026
12वीं कक्षा की छात्रा संजना फिलो चाको के बारे में भी पीएम ने की थी बात
प्रधानमंत्री ने केरल के तिरुवनंतपुरम की 12वीं कक्षा की छात्रा संजना फिलो चाको के बारे में भी बात की थी। संजना ने फ्रांस के बोर्डो में आयोजित ‘यूरोपियन गर्ल्स मैथमेटिकल ओलंपियाड’ 2026 में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। गणित में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली संजना, चार सदस्यों वाली उस भारतीय टीम का हिस्सा थीं, जिसका चयन एक कठिन और कई चरणों वाली राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के बाद किया गया था।
10:44 AM, 31-May-2026
मन की बात के पिछले एपिसोड में किस मामले पर हुई थी चर्चा?
अपने पिछले रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के एपिसोड को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों को उनके अतीत से जोड़ने में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। मन की बात के पिछले कार्यक्रम में ‘अभिलेख पटल पोर्टल’ नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया की एक पहल का जिक्र किया था। इसका उद्देश्य अभिलेखीय रिकॉर्ड के अपने विशाल भंडार को जनता के लिए सिर्फ एक क्लिक पर आसानी से उपलब्ध कराना है। इस प्लेटफॉर्म पर संस्था द्वारा संरक्षित लगभग 10 करोड़ (100 मिलियन) फाइलों से संबंधित संदर्भ सामग्री मौजूद है।
10:33 AM, 31-May-2026
Mann Ki Baat: पीएम मोदी आज करेंगे ‘मन की बात’, पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद पहला कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे पूरे ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) और सरकार के आधिकारिक डिजिटल चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा। पिछला एपिसोड 27 अप्रैल को प्रसारित हुआ था। प्रधानमंत्री ने ‘नेशनल आर्काइव्स ऑफ इंडिया’ (भारत का राष्ट्रीय अभिलेखागार) के एक अनोखे डिजिटल डेटाबेस पर प्रकाश डाला था। यह डाटाबेस एक विशेष ‘अभिलेख पटल पोर्टल’ के माध्यम से तैयार किया गया है, जिसके जरिए भारत के इतिहास से जुड़े 20 करोड़ से भी ज्यादा अनमोल दस्तावेजों तक पहुंचा जा सकता है।

