अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और इसरो के संयुक्त उपग्रह निसार के डाटा ने एक चौंकाने वाली खबर दी है। बीते महीने वेनेजुएला में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। कराकस और ला गुएरा शहर में जमीन 60 सेंटीमीटर (दो फीट) तक खिसक गई है। इस उपग्रह डेटा का इस्तेमाल राहत कार्यों में मदद के लिए पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किया गया है। निसार की ‘अर्जेंट रिस्पॉन्स’ प्रणाली ने बेहद तेजी से काम किया। वैज्ञानिक इस आंकड़े के आधार पर तबाही की मुख्य वजह समझ रहे हैं।
जमीन में इतना बड़ा बदलाव कैसे हुआ?
शोधकर्ताओं ने 13 और 18 जून के चित्रों की तुलना 25 और 30 जून की तस्वीरों से की। 24 जून को आए भूकंप के बाद जमीन में बदलाव साफ दिखा। निसार उपग्रह-आधारित रडार इंटरफेरोमेट्री तकनीक का उपयोग करती है। यह तकनीक जमीन और उपग्रह के बीच की दूरी में बदलाव को भांप लेती है।
भूकंप स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट पर आया था। इस कारण मुख्य रूप से क्षैतिज (पूर्व-पश्चिम) बदलाव दर्ज हुआ। कराकस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिण में सबसे ज्यादा 60 सेमी खिसकाव देखा गया। नासा के वैज्ञानिक एरिक फील्डिंग के अनुसार, इसी वजह से नुकसान बेहद गंभीर था।
इस तबाही के मुख्य कारण क्या हैं?
- प्लेटों का टकराव: यह दरार कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी प्लेटों की सीमा पर स्थित है।
- तनाव का जमाव: सैन सेबेस्टियन और बोकोनो फॉल्ट सिस्टम में वर्षों से तनाव जमा हो रहा था।
- समुद्र से जमीन की ओर: भूकंप की दरार पहले समुद्र की ओर बढ़ी और फिर हवाई अड्डे के पास वापस जमीन पर आई।
- सटीक मॉडल: इस डेटा से अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) को दरार के व्यवहार को समझने में मदद मिली।
- तेज मैपिंग: उपग्रह ने 12 से 24 घंटे के भीतर नक्शा तैयार कर आपदा प्रबंधन टीमों को सौंपा।
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निसार उपग्रह की बड़ी बातें
- पहली बार इस्तेमाल: बड़े भूकंप में निसार की अर्जेंट रिस्पॉन्स प्रणाली का पहली बार प्रयोग हुआ।
- देखने का कोण: यह उपग्रह पृथ्वी को 40 डिग्री के कोण से देखता है।
- दोहरा बदलाव: यह आड़े और सीधे दोनों तरह के बदलावों को दर्ज करता है।
- सटीक पूर्वानुमान: शुरुआती नक्शे अनुमानित कक्षा पर आधारित होते हैं, जिन्हें बाद में और सटीक किया जाता है।
- त्वरित मदद: आपातकालीन डाटा केवल एक या दो दिनों में पूरी तरह प्रोसेस हो जाता है।