लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Mallikarjun Kharge:’रजाकारों की हिंसा में खोया परिवार, जंगल में काटी रातें’, खरगे ने याद किए बचपन के कठिन दिन – Walk With Carpets Under My Feet Today, But Slept On Leaves In Forest As A Child: Kharge

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को अपने बचपन के कठिन दिनों को याद किया। उन्होंने दराबाद राज्य में रजाकारों की हिंसा अपनी मां सहित परिवार के कई सदस्यों को खो दिया था था। उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें जंगल में पत्तों पर सोकर जीवन बिताना पड़ा था। 

‘कभी पत्तों गुजारी रातें, आज पैरों के नीचे कालीन’

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील व राजनेता कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान खरगे ने कहा कि आज उनके पैरों के नीचे कालीन बिछी होती है। लेकिन बचपन में उन्होंने जंगल में पत्तों पर सोकर रातें गुजारी हैं। खरगे ने बताया कि जब वह मात्र छह साल के थे, तब बीदर में रजाकारों के हमले में उन्होंने अपनी मां, भाई, बहन और चाचा को खो दिया था। उस समय उनके पिता खेत में काम कर रहे थे। घर को आग लगाकर परिवार के लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद उनके पिता उन्हें बचाकर गांव से बाहर ले गए।

‘अपने ही रिश्तेदारों ने शरण देने से किया इनकार’

उन्होंने बताया कि गांव छोड़ने के बाद परिवार को अपने ही रिश्तेदारों ने शरण देने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें निजाम की निजी सेना के डर से परेशानी का खतरा था। इसी कारण कई रातें उन्हें जंगल में बितानी पड़ीं। खरगे ने कहा कि उस समय वह और उनके पिता जंगल में पत्तों पर सोते थे, जबकि आज वह कालीन पर चलते हैं।

ये भी पढ़ें: ईरान का परमाणु कार्यक्रम: कैसे रोका था एक्यूपरमाणु: ‘यूरेनियम जब्त करना सुसाइड..’; पूर्व CIA अफसर ने चेतावनी के साथ बताई PAK के एक्यू खान पर नकेल की कहानी खान का नेटवर्क? CIA के पूर्व अफसर ने किए कई बड़े खुलासे

राष्ट्रीय राजनीति में तक कैसे तय किया सफर?

उन्होंने अपनी विद्यालयी शिक्षा की कठिनाइयों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बाद में वह कलबुर्गी पहुंचे, जहां एक व्यक्ति की मदद से उन्हें विद्यालय में दाखिला मिला। खरगे ने बताया कि उनके विद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े शिक्षक भी थे और महात्मा गांधी की हत्या के बाद कई आरएसएस कार्यकर्ता पुणे से कलबुर्गी आए थे। उन्होंने कहा कि इसके बाद उनकी जिंदगी में आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया।

खरगे ने अपने पिता को जीवन का सबसे बड़ा सहारा बताते हुए कहा कि उनके पिता ने परिवार खोने के बाद भी अपने इकलौते बेटे को बेहतर भविष्य देने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कानून की पढ़ाई की और मजदूर आंदोलन से जुड़े और धीरे-धीरे राजनीति में आगे बढ़ते हुए विधायक, सांसद और फिर कांग्रेस अध्यक्ष बने।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Aaj Ka Shabd Mrittika Shivmangal Singh Suman Ki Kavita Prat Jeevan Ka Dikha Do – Amar Ujala Kavya – आज का शब्द:मृत्तिका और शिवमंगल सिंह ‘सुमन’की कविता

Aaj Ka Rashifal :इन पांच राशियों की आर्थिक स्थिति में सुधार और नौकरी में प्रमोशन के योग, पढ़ें दैनिक राशिफल – Aaj Ka Rashifal Daily Horoscope Prediction Of 14 June 2026 Mesh Kark Singh Kanya Kumbh Makar

Qatar Vs Switzerland Live:17वें मिनट में ब्रील एम्बोलो ने दागा पहला गोल, स्विट्जरलैंड ने बनाई 1-0 से बढ़त – Qatar Vs Switzerland Live Fifa World Cup 2026 Today Football Match Result Update

Ind W Vs Pak W:पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भी लागू रहेगी नो हैंडशेक नीति? भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने दिया जवाब – Ind W Vs Pak W: Harmanpreet Kaur Speaks On No Handshake Policy In Womens T20 World Cup 2026 Know

अमेरिका-ईरान के बीच डील कब:डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर क्या कहा? 106 दिनों बाद खत्म होगा गतिरोध – Donald Trump Announces New Iran Nuclear Deal Strait Of Hormuz

करीना ने सुनाया किस्सा, लता मंगेशकर समेत कई सेलेब्स को किया याद; आमिर खान प्रोडक्शन ने मनाया 25 साल का जश्न – 25 Years Of Aamir Khan Productions Salman Khan Kareena Attend Event Tribute To Asha Bhosle Lata Mangeshkar

Leave a Comment