दीपक प्रकाश एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। बिहार की राजनीति में यह पहला मौका नहीं है जब उनके पहनावे को लेकर बहस छिड़ी हो। पिछली बार मंत्री पद की शपथ के दौरान उन्होंने जींस, शर्ट और क्रॉक्स पहनकर सबको चौंका दिया था। उस समय भी उनके इस अंदाज़ को लेकर खूब चर्चा हुई थी। कुछ लोगों ने इसे युवाओं की सोच और राजनीति में नएपन का प्रतीक बताया, तो कुछ ने इसे गंभीर अवसर की गरिमा के खिलाफ माना।
पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे। इस दौरान कुल 31 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। दीपक प्रकाश न तो विधायक हैं और न ही बिहार विधान परिषद के सदस्य, फिर भी उन्हें राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद ख़ान ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के एकमात्र मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। हालांकि, पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सासाराम से विधायक बनीं स्नेहलता को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है।
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एनडीए की सहयोगी पार्टी आरएलएम ने बिहार विधानसभा चुनाव में छह सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से चार सीटों बजपट्टी, मधुबनी, सासाराम और दिनारा पर जीत दर्ज की थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक दीपक प्रकाश बिहार की राजनीति में अपेक्षाकृत नया चेहरा हैं। वह हाल ही में विदेश से पढ़ाई पूरी कर लौटे हैं। आरएलएम के अनुसार, वैशाली जिले के महनार प्रखंड में 1989 में जन्मे दीपक प्रकाश ने 2011 में सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दो वर्षों तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया और फिर स्वयं का व्यवसाय शुरू किया। पार्टी का दावा है कि वह 2019-20 से सक्रिय राजनीति में हैं। पिछली बिहार सरकार में उन्हें पंचायती राज मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी।

