लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Khamenei Funeral:ईरान ने खरगे और कांग्रेस के इन नेताओं को किया आमंत्रित, खामेनेई के जनाजे में कौन होगा शामिल? – Iran Invites Congress Mallikarjun Kharge And Several Leaders For Burial Ceremonies Of Ayatollah Ali Khamenei

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

अमेरिका-इस्राइल के हमलों में जान गंवाने वाले ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को अंतिम विदाई दी जानी है। जुलाई में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार प्रस्तावित है। अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सलमान खुर्शीद और पवन खेड़ा को आमंत्रित किया है। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है।

कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के प्रमुख सलमान खुर्शीद ने कहा, “कांग्रेस अध्यक्ष ईरान जाने वाले पार्टी प्रतिनिधिमंडल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।” पिछले तीन दशक तक ईरान का नेतृत्व करने वाले अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के बड़े हवाई हमलों के पहले दिन मौत हो गई थी।

भारत सरकार की ओर से कौन होगा खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल?

इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया था। देश की तरफ से विदेश राज्यमंत्री इस कार्यक्रम में जाएंगे। बिहार के राज्यपाल भी इस समारोह में शामिल होंगे। अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम पांच से नौ जुलाई तक आयोजित किए जाएंगे।  

अंतिम संस्कार समारोह पांच, छह और सात जुलाई को तेहरान और कौम में आयोजित होंगे। इसके बाद नौ जुलाई को मशहद शहर में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किए जाने का समारोह होगा। भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन इन समारोहों में शामिल होंगे।

तीन महीने क्यों अटकी खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की प्रक्रिया?

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक करने में लगभग चार महीने की देरी की मुख्य वजह अमेरिका-इस्राइल से ईरान का लगातार जारी युद्ध, सुरक्षा चिंताएं, कूटनीतिक रणनीतियां और धार्मिक प्रतीकवाद रहे। पहले खामेनेई की अंतिम यात्रा और सुपुर्द-ए-खाक की पूरी प्रक्रिया चार से छह मार्च के बीच होनी थी, लेकिन इसे टाल दिया गया। 

सुरक्षा चिंताएं और युद्ध का माहौल: यह देरी सीधे तौर पर युद्ध, युद्धविराम और उसके बाद की बातचीत प्रक्रिया का नतीजा थी। ईरानी शासन एक बड़े सार्वजनिक आयोजन को दुश्मनों के लिए निशाना बनाने लायक एक बड़ा अवसर मान रहा था। इसलिए ईरान ने तब तक प्रमुख चेहरों और लाखों लोगों की भीड़ जुटाने का जोखिम नहीं उठाया, जब तक कि तनाव कम न हो जाए। 

कूटनीतिक रणनीति और जीत का संदेश: विशेषज्ञों के मुताबिक, यह देरी केवल सुरक्षा कारणों से नहीं थी, बल्कि ईरान एक ‘जीत’ का इंतजार कर रहा था। अमेरिका के साथ शांति समझौते  के करीब पहुंचने के बाद ईरान खामेनेई को एक पीड़ित के बजाय विजेता के रूप में दफनाने की मंशा रखता है।

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर पर सरकार सख्त:मेटा को नोटिस भेजकर तीन दिन में मांगा जवाब, रोल आउट पर लगाई रोक – Govt Issues Notice To Meta, Halts Whatsapp ‘usernames’ Rollout In India

विजय सरकार गिराने की साजिश?:विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोपों से मचा सियासी बवाल; तीन गिरफ्तार – Tamil Nadu Horse Trading Row Vijay Tvk Dmk Mla Bribery Allegations

राम मंदिर चढ़ावा चोरी:एकांतवास में चंपत राय बोले- कलंक लेकर नहीं जाऊंगा, अयोध्या में सेवा हुई पूरी – Ram Temple Offering Theft: Champat Rai, In Seclusion, Says, “i Will Not Carry The Stigma With Me, Service In A

दिल्ली में लू से ज्यादा उमस खतरनाक:आसमान से आग नहीं बरसी, फिर भी 53.5°c जैसी तपिश, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा – Humidity More Dangerous Than Heatwave In Delhi

India Uae Trade:सोना आयातकों के लिए सरकार की बड़ी राहत, बिना झंझट 30 सितंबर तक वैध रहेगा खरीदारी का कोटा – India-uae Trade Update: Govt Extends Gold Import Quota Deadline To Sept 30, Reviews Wheat Export Utilisation

Up:लखीमपुर खीरी में मधुमिता शुक्ला की बहन के घर के बाहर धमाका, बम से हमला करने का आरोप – Madhumita Shukla Sister Alleges A Bomb Attack On Her Home In Lakhimpur Kheri

Leave a Comment