केरल में राजनीतिक बदलाव के साथ ही नई सरकार के मंत्रियों के विभागों का आधिकारिक बंटवारा कर दिया गया है। लोक भवन की ओर से जारी सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री सतीशन कैबिनेट में सबसे शक्तिशाली भूमिका में नजर आएंगे। वे वित्त, कानून, सामान्य प्रशासन और बंदरगाह समेत कुल 35 महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी अकेले संभालेंगे। उनके पास सबसे भारी-भरकम पोर्टफोलियो है, जो राज्य की प्रशासनिक और नीतिगत दिशा तय करेगा।
वरिष्ठ नेताओं को मिले अहम मंत्रालय
कैबिनेट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें गृह और विजिलेंस समेत कुल पांच विभागों का कार्यभार मिला है। वहीं, सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के कद्दावर नेता पीके कुन्हालीकुट्टी को सरकार में उद्योग, सूचना प्रौद्योगिकी और कपड़ा सहित कुल सात विभागों का जिम्मा दिया गया है। वे राज्य में औद्योगिक विकास और डिजिटल गवर्नेंस की कमान संभालेंगे।
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शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा पर विशेष फोकस
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख सन्नी जोसेफ को बिजली और पर्यावरण मंत्रालय सौंपा गया है। इसके अलावा, वरिष्ठ नेता के मुरलीधरन को राज्य का नया स्वास्थ्य और देवस्वम मंत्री बनाया गया है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए रोजी एम जॉन को उच्च शिक्षा विभाग और एन. शमसुद्दीन को सामान्य शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। भूमि और राजस्व विभाग की कमान एपी अनिल कुमार को सौंपी गई है, जो भूमि सुधारों और राजस्व संग्रह से जुड़े मामलों को देखेंगे।
केरल में यूडीएफ की शानदार जीत
बताते चलें कि केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने शानदार जीत दर्ज की है। इस चुनाव में यूडीएफ गठबंधन ने राज्य की 140 सीटों में से 102 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जिसमें से अकेले कांग्रेस ने 63 सीटें अपने नाम की हैं। इस बंपर जीत के साथ ही राज्य में पिछले 10 साल से चल रहे एलडीएफ और पिनाराई विजयन के शासन का अंत हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। इस बदलाव को राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों के खिलाफ जनता के कड़े जनादेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसने कांग्रेस को एक बार फिर केरल की सत्ता की कमान सौंप दी है।


