कर्नाटक सरकार की कैबिनेट बैठक में गुरुवार को कई अहम फैसले लिए गए। राज्य के कानून और संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने बताया कि सरकार ने राज्य के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज 52 आपराधिक मामलों को वापस लेने का फैसला किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ये मामले मुख्य रूप से कन्नड़ समर्थक संगठनों, किसानों के संगठनों और दलित कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किए गए थे।
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वटल नागराज के खिलाफ 10 मामले लिए गए वापस
इन मामलों में कन्नड़ आंदोलनकारी वटल नागराज के खिलाफ दर्ज करीब 10 मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा 2022 में कलबुर्गी जिले के आलंद क्षेत्र स्थित लाडले मशक दरगाह में हुई सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े सात मामलों को भी वापस लेने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने मंड्या जिले के माकवल्ली गांव में स्थित 100 एकड़ जमीन की बिक्री को भी मंजूरी दी। यह जमीन पहले कोरमंडल शुगर्स लिमिटेड को दी गई थी, जिसे अब कुछ शर्तों के साथ हेमागिरी शुगर्स एंड रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड को बेचा जाएगा।
काबिनी नदी पर ₹15 करोड़ की लागत से बांध बनाने की स्वीकृति
राज्य सरकार ने 32 सरकारी टूल रूम और ट्रेनिंग सेंटरों के लिए 90 करोड़ रुपये की नई मशीनें और उपकरण खरीदने को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही मैसूरु जिले के नंजनगुड तालुक में श्रीकांतेश्वर मंदिर के पास काबिनी नदी पर 15 करोड़ रुपये की लागत से एक बांध (वीयर) बनाने की स्वीकृति दी गई।
आंगनवाड़ियों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा किट खरीदने का फैसला
कैबिनेट ने कारवार पोर्ट के लिए ऑयल स्पिल रिस्पॉन्स उपकरण खरीदने को भी मंजूरी दी, जिसकी लागत करीब 13 करोड़ रुपये होगी। वहीं, कारवार चिकित्सा विज्ञान संस्थान में 100 करोड़ रुपये की लागत से 200 बेड वाला नया सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल भवन बनाने को भी हरी झंडी दी गई। महिला और बाल विकास से जुड़ी योजनाओं के तहत सरकार ने राज्य की 69,922 आंगनवाड़ियों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा किट खरीदने का फैसला किया है। प्रत्येक किट की कीमत 3,000 रुपये होगी और इस योजना पर कुल 20.98 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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500 होनहार छात्रों को कराई जाएगी उच्च शिक्षा की तैयारी
इसके अलावा सरकार ने पिछड़ा वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए खास शिक्षा योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 500 होनहार छात्रों को नीट, जेईई और सीईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इन छात्रों को विज्ञान विषय में दो साल की रिहायशी पढ़ाई भी दी जाएगी। इस पूरी योजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। छात्रों का चयन एसएसएलसी परीक्षा में गणित और विज्ञान में सबसे ज्यादा अंक लाने के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जज पीएन देसाइ को राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष नियुक्त करने को भी मंजूरी दे दी।


