झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं। कई छात्र भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। लंबे समय से भूख हड़ताल के कारण कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, इसके बावजूद आंदोलनकारी छात्रों का हौसला कम नहीं हुआ है और वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बिगड़ी तबीयत
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बावजूद अन्य आंदोलनकारी छात्र धरना स्थल पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ी, कई जगह बैरिकेडिंग
छात्रों के लगातार आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। धरना स्थल से करीब ढाई किलोमीटर की दूरी पर स्थित मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री आवास के आसपास करीब दो किलोमीटर के दायरे में विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर आगे न बढ़ सकें।
कांके जाने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार
सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग का असर राजधानी की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। कांके की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतार लग रही है। कई जगहों पर वाहन धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विधानसभा मार्च के दौरान भी हुआ था तनाव
JPSC-JSSC छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से राजधानी की सियासत और प्रशासन के लिए बड़ा मुद्दा बना हुआ है। इससे पहले छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी। अब लगातार 20 दिनों से चल रहे आंदोलन के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े छात्र
फिलहाल आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच नहीं होती और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल है।


