IPL 2026 सीजन अलग-अलग कारणों से चर्चा में बना रहा है. एक तरफ वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य जैसे युवा खिलाड़ी हैं, जिन्होंने बल्ले से खूब तबाही मचाई है. मगर कुछ ऐसे क्रिकेटर हैं, जो शुरुआती मुकाबलों को मिस करने के बाद अपनी-अपनी टीम से जुड़े हैं. उदाहरण के तौर पर पैट कमिंस और जोश हेजलवुड पहले कुछ मैचों में नहीं खेल पाए थे, लेकिन अब नियमित रूप से खेल रहे हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसे खिलाड़ियों पूरी सैलरी मिलती है या कुछ मुकाबलों से बाहर रहने के लिए उनका कुछ पैसा कटता है. यहां जान लीजिए इंडियन प्रीमियर लीग में सैलरी का क्या है नियम?
क्या खिलाड़ियों को मिलेगा पूरा पैसा?
अगर कोई खिलाड़ी चोट, निजी कारण या फिर किसी अन्य वजह से सीजन के पहले कुछ मैचों में नहीं खेल पाता है. नियमों के मुताबिक ऐसे में खिलाड़ी को उतना ही पैसा दिया जाता है, जितने उसने मैच खेले होंगे. उदाहरण के तौर पर सनराइजर्स हैदराबाद टीम के नियमित कप्तान पैट कमिंस ने सीजन में 7 मैच मिस किए, उन्हें उसी हिसाब से सैलरी दी जाएगी.
मगर कोई खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हो जाता है, तो सैलरी के नियम अलग हो सकते हैं. ऐसे में फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी के मेडिकल का पूरा खर्च उठाएगी और वह अगर पूरे सीजन से बाहर भी हो जाता है तो फ्रेंचाइजी खिलाड़ी को पूरा पैसा देने के लिए बाध्य होगी.
खिलाड़ियों को कैसे मिलती है सैलरी?
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक टीम अलग-अलग तरीके से खिलाड़ियों को पैसा देती हैं. कुछ टीम खिलाड़ियों को सीजन शुरू होने से पहले 50 प्रतिशत पैसा देती हैं और बचा हुआ 50 प्रतिशत सीजन की समाप्ति पर. वहीं कुछ टीम 3-4 किश्तों में खिलाड़ियों को पूरी राशि अदा करती हैं.
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