सरकार ने मंदिरों के पास रखे सोने के मुद्रीकरण की किसी भी योजना से इन्कार किया है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इन अफवाहों और अटकलों को पूरी तरह से गलत बताया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई योजना विचाराधीन नहीं है।
वित्त मंत्रालय ने एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि देश भर के मंदिर न्यासों या किसी भी धार्मिक संस्थान के पास रखे सोने के लिए मुद्रीकरण योजना शुरू करने की कोई योजना नहीं है। ये अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं। मंत्रालय ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि मंदिर के गुंबदों, दरवाजों या अन्य संरचनाओं पर लगी सोने की परतें ‘भारत के रणनीतिक स्वर्ण भंडार’ का हिस्सा मानी जाएंगी। इन दावों को भी गलत और निराधार बताया गया। सरकार ने नागरिकों से ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करने और उन्हें प्रसारित न करने का आग्रह किया है। असत्यापित जानकारी फैलाने से अनावश्यक भ्रम पैदा होता है और जनता गुमराह हो सकती है।
आधिकारिक संचार पर भरोसा करें
सरकार ने सभी नागरिकों से केवल अधिकृत माध्यमों से जारी आधिकारिक संचार पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है। नीतिगत निर्णयों या सरकारी योजनाओं से संबंधित कोई भी जानकारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित सार्वजनिक संचार मंचों के माध्यम से साझा की जाएगी। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि जनता को सही और विश्वसनीय जानकारी मिले।
अफवाहों का खंडन क्यों
इन अफवाहों का खंडन इसलिए आवश्यक था क्योंकि वे जनता के बीच अनावश्यक चिंता और भ्रम पैदा कर रही थीं। धार्मिक संस्थानों से जुड़े संवेदनशील मामलों पर गलत जानकारी फैलने से सामाजिक सद्भाव प्रभावित हो सकता है। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसी भ्रामक खबरों का कोई आधार नहीं है।
