अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध एक बार फिर भड़क गया है। दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम लागू होने से पहले 17 जून तक चली जंग के बाद अब युद्ध का एक और चरण काफी घातक बनता जा रहा है। ईरान ने इस बार युद्ध की शुरुआत ही होर्मुज में जहाजों-टैंकरों पर हमले कर के और इसे आवाजाही बंद कर के की है। वहीं, अमेरिका भी अब पीछे हटने के मूड में नहीं है। उसकी तरफ से लगातार ईरान में अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। जहां ईरान के निशाने अब पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकाने और सहयोगी बने हैं तो वहीं अमेरिका ने अपने हमलों को ज्यादा तीव्र कर दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच विश्लेषकों की नजर दोनों देशों के बदले हुए युद्ध के तरीकों पर है। साथ ही पहली बार लागू हुए युद्ध विराम में अहम भूमिका निभाने वाले कतर और पाकिस्तान की भूमिका पर भी अब सवाल उठ रहे हैं और दोनों देशों की कूटनीति पर करीब से नजर रखी जा रही है। आइये जानते हैं कि 28 फरवरी से 17 जून तक चले अमेरिका-ईरान युद्ध और अब बीते हफ्ते शुरू हुए संघर्ष में क्या अलग है और ताजा हमलों से दोनों देशों की क्या मंशा नजर आती है…