बांग्लादेश ने तीस्ता नदी परियोजना के लिए चीन का हाथ थाम लिया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों ने इस परियोजना की फीजिबिलिटी स्टडी कराने का समझौता किया। फिलहाल यह केवल शुरुआती अध्ययन है, लेकिन इसे चीन के बढ़ते रणनीतिक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है। यह परियोजना भारत के सबसे संवेदनशील इलाकों में से एक सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के बेहद करीब है।


ऐसे में सवाल उठता है कि तीस्ता नदी परियोजना है क्या? इस परियोजना की शुरुआत कब हुई? भारत और बांग्लादेश के बीच इसे लेकर क्या विवाद हुआ? बांग्लादेश ने भारत के बजाय चीन का साथ क्यों चुना? और भारत इस पर इतना चिंतित क्यों है? आइए विस्तार से जानते हैं…
