हाल ही में एक बड़ी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट सामने आई है, जिसने अमेरिका के राजनीतिक और वैश्विक वित्तीय जगत में भारी हलचल मचा दी है। कभी क्रिप्टोकरेंसी को घोटाला कहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार ने एक ऐसा क्रिप्टो साम्राज्य खड़ा किया है, जिसने उन्हें बिना किसी बड़े वित्तीय जोखिम के 2.3 अरब डॉलर (लगभग 19,000 करोड़ रुपये) का बंपर मुनाफा दिया है। लेकिन इस सफलता की कहानी का एक स्याह पहलू भी है; ठीक इसी दौरान 10 लाख से ज्यादा आम निवेशकों को करीब 2.3 अरब डॉलर का ही भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रॉयटर्स ने ब्लॉकचेन डेटा, कॉर्पोरेट फाइलिंग और दर्जनों विशेषज्ञों के इंटरव्यू के आधार पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट में प्रमोटर (ट्रंप परिवार) के बेतहाशा मुनाफे और निवेशकों के जोखिम के बीच की भयानक खाई को उजागर किया है।
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर यह पूरा खेल कैसे रचा गया और कैसे आम निवेशकों के पैसे इस ‘ट्रंप ब्रांड’ की भेंट चढ़ गए।
डोनाल्ड ट्रंप का क्रिप्टो साम्राज्य क्या है और उन्होंने इससे कुल कितना पैसा कमा लिया है?
डोनाल्ड ट्रंप का यह नया ‘क्रिप्टो साम्राज्य’ उनके और उनके परिवार (मुख्य रूप से उनके बेटों डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप) की ओर से समर्थित कई डिजिटल एसेट परियोजनाओं का एक नेटवर्क है। रॉयटर्स की जांच रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 के अंत तक ट्रंप परिवार ने अपने चार मुख्य क्रिप्टो परियोजनाओं से लगभग 2.3 अरब डॉलर की मोटी कमाई की है। इस साम्राज्य के तहत मुख्य रूप से एक डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) प्रोजेक्ट, एक मीम कॉइन ($TRUMP) और नैस्डैक (शेयर बाजार) पर लिस्टेड दो क्रिप्टो व्यवसाय शामिल हैं। इन सबसे ट्रंप परिवार ने टोकन बिक्री, कंपनी में बिना पैसे लगाए मिली हिस्सेदारी और अपने नाम के इस्तेमाल (लाइसेंसिंग) से अरबों का लाभ कमाया है।