स्थानीय ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में शुक्रवार को सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गए। प्रशासन की व्यापक तैयारियों के चलते शहर में पूरी तरह शांति और सौहार्द का माहौल बना रहा। पिछले शुक्रवार को हुई बारिश के कारण खसरा नंबर 612 पर कीचड़ हो गया था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने बेहतर व्यवस्था के लिए मुस्लिम समाज को पास ही स्थित खसरा नंबर 613 का नया विकल्प सुझाया था। हालांकि, समाज द्वारा नए स्थान पर जाने से मना किए जाने के बाद प्रशासन ने पूर्व निर्धारित स्थल पर ही तैयारियां कीं। नगर पालिका द्वारा मार्ग पर गिट्टी डलवाकर रास्ते को समतल कराया गया, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने निर्धारित स्थान (खसरा नंबर 612) पर ही जुम्मे की नमाज अदा की।
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हनुमान चालीसा का पाठ
नमाज के समय के साथ ही भोजशाला परिसर में हिंदू पक्ष के धार्मिक आयोजन भी निर्धारित समय पर हुए। मां वाग्देवी के तैलचित्र का पूजन करने के बाद हिंदू समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। एसपी सचिन शर्मा के अनुसार, सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के तहत भोजशाला परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में लगभग 1000 पुलिसकर्मियों का बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर बिसलेरी मार्ग को बंद किया और परिसर के आसपास आवाजाही को पूरी तरह नियंत्रित रखा। दरअसल भोजशाला को लेकर मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर चार याचिकाओं पर तीन दिन पहले 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश संजय कुमार और संजीव सचदेवा की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई प्रस्तावित थी, हालांकि सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल सुनवाई की तारीख को लेकर इंतजार किया जा रहा है।

खसरा नंबर 612 पर हुई जुमे की नमाज