लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Climate Change:बढ़ती गर्मी से बदला मधुमक्खियों का जीवन चक्र, खाद्य सुरक्षा पर संकट; घट रही प्रजनन क्षमता – Climate Change Impact Bees Hibernation Pollinators Reproduction Decline Crop Risk Ecology Study

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

जलवायु परिवर्तन अब केवल मौसम के चक्र को ही नहीं बदल रहा है। यह प्रकृति की मूल संरचना को भी प्रभावित कर रहा है। मधुमक्खियों और ततैयों जैसे महत्वपूर्ण परागणकर्ताओं पर इसका असर बहुत तेजी से सामने आ रहा है। प्रतिष्ठित जर्नल ‘फंक्शनल इकोलॉजी’ में छपे एक अध्ययन के अनुसार, बढ़ते तापमान के कारण ये कीट अपने तय समय से पहले ही शीतनिद्रा से बाहर आ रहे हैं। इस वजह से उन्हें न तो पर्याप्त भोजन मिल पा रहा है और न ही उनके शरीर में जरूरी ऊर्जा बची रहती है। इसके नतीजे में ये कीट कमजोर पड़ रहे हैं। उनकी प्रजनन क्षमता घट रही है और उनके अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है।

आमतौर पर ज्यादातर मधुमक्खियां सर्दियों में जमीन, लकड़ी या अन्य सुरक्षित जगहों पर कोकून के अंदर शीतनिद्रा में रहती हैं। शीतनिद्रा का मतलब है सर्द मौसम में शरीर की गतिविधियों को बहुत धीमा करके ऊर्जा बचाना। कुछ प्रजातियां वसंत की शुरुआत में बाहर आती हैं और वे कोकून में ही पूरी तरह विकसित हो चुकी होती हैं। वहीं कुछ प्रजातियां गर्मियों में सक्रिय होती हैं। उन्हें वसंत में बाहर आने से पहले अपना विकास पूरा करना पड़ता है। लेकिन जलवायु परिवर्तन इस प्राकृतिक चक्र को बिगाड़ रहा है। बढ़ती गर्मी के कारण ये कीट समय से पहले बाहर निकल रहे हैं। इससे उनके सामने जीवित रहने की नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।

ये भी पढ़ें: Bengal Election: दूसरे चरण के मतदान से पहले कोलकाता पहुंचे अरविंद केजरीवाल, टीएमसी के समर्थन में करेंगे प्रचार

अध्ययन बताता है कि जब मधुमक्खियां और ततैये समय से पहले बाहर आते हैं, तब उनके लिए जरूरी फूल अभी खिले नहीं होते। इसका मतलब है कि उन्हें पर्याप्त पराग और अमृत नहीं मिल पाता, जो उनका मुख्य भोजन है। साथ ही, ज्यादा तापमान की वजह से उनके शरीर में जमा वसा (फैट) तेजी से खत्म होने लगती है। इससे उनके पास जीवित रहने, उड़ने और प्रजनन करने के लिए पर्याप्त ताकत नहीं बचती।

मादा कीटों पर सबसे ज्यादा असर

अध्ययन की सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसका सबसे अधिक प्रभाव मादा कीटों पर देखा गया है। कुछ प्रजातियों में मादा कीटों के शरीर का वजन 34 फीसदी तक कम पाया गया। यह केवल शारीरिक कमजोरी की बात नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर प्रजनन पर पड़ सकता है। मादा कीटों की यह कमजोरी अगली पीढ़ियों की संख्या और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकती है। इससे भविष्य में इन प्रजातियों की आबादी में भारी गिरावट का खतरा बढ़ गया है।

परागण और फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण

मधुमक्खियां और ततैये केवल छोटे कीट नहीं हैं। ये पूरी कृषि व्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र के महत्वपूर्ण आधार हैं। ये परागण की प्रक्रिया में सबसे मुख्य भूमिका निभाते हैं। परागण वह प्रक्रिया है जिससे फल, बीज और नई फसलें तैयार होती हैं। यदि ये परागणकर्ता कमजोर होते हैं, तो इसका सीधा असर फसलों की पैदावार और खाद्य सुरक्षा पर पड़ सकता है। इसका प्रभाव खेतों से लेकर आम लोगों की थाली तक साफ तौर पर महसूस किया जा सकता है।

अन्य वीडियो-


Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

Rajasthan:7000 Km पीछा, 250 Cctv और 325 ठिकाने… भिवाड़ी की मुस्कान हत्याकांड में ऐसे पकड़ा गया आरोपी – 7000-km Chase, 250 Cctv Footages And 325 Hideouts: Bhiwadi Police Arrest Key Accused In Muskan Murder Case

Bcci Women:एशिया कप और एशियन गेम्स से पहले भारतीय महिला टीम को लगा झटका, जेमिमा रोड्रिग्स टीम से बाहर – Jemimah Rodrigues Ruled Out Asia Cup And Asian Games

सीट का समीकरण:2022 और 2024 में सहयोगी बदलकर भी जीता रालोद, कैसा है मीरापुर सीट का चुनावी इतिहास? – Up Election 2027 Muzaffarnagar Meerapur Assembly Seat History Bjp Sp Bsp Congress Political Equation

15 August Railway Timing:ढाई घंटे बंद रहेगा दिल्ली-शाहदरा ट्रैक, कई के रूट बदले-कई चलेंगी लेट; देखें शेड्यूल – Delhi-shahdara Railway Track To Remain Closed For 2-5 Hours On Independence Day 20 Trains Affected

12 साल की शादी पर भारी पांच महीने का प्यार:बीवी की बेवफाई और प्रेमी की धमकी से टूटा पति, खुद को दी खौफनाक मौत – Husband Hangs Himself Driven To Despair By His Wife And Her Lover In Faridabad

‘पंजाब की शांति बिगाड़ना चाहते हैं कुछ ताकतें’:हमले के बाद गरजे सुखबीर सिंह बादल, बोले- ऐसा नहीं होने दूंगा – Sukhbir Singh Badal Nanded Kirpan Attack Punjab Peace Statement

Leave a Comment