Cheap Diesel: सस्ता पेट्रोल देने के बाद अब भारत सरकार जनता को सस्ता डीजल देने की तैयारी कर रही है. ऐसा खुद भारत सरकार के मंत्री नितिम गडकरी ने खुद कहा है. नितिन गडकरी ने हाल ही में एक संबोधन के दौरान बताया है कि अब भारत में सस्ते पेट्रोल की तर्ज पर ही सस्ता डीजल भी बनाया जाएगा. जैसे पेट्रोल बनाने में इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा रहा है, वैसे ही डीजल बनाने में आइसोब्यूटिनोल (Isobutinol) का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या है Isobutinol?
सबसे पहले तो जानते हैं कि आइसोब्यूटिनोल क्या है. आइसोब्यूटिनोल (Isobutanol) एक प्रकार का अल्कोहल और औद्योगिक रसायन है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से ईंधन, पेंट, कोटिंग, सॉल्वेंट और अन्य रसायनों के निर्माण में किया जाता है. इसे पारंपरिक ईंधनों के विकल्प के रूप में भी देखा जाता है, क्योंकि ये ऊर्जा क्षेत्र में बायोफ्यूल के तौर पर उपयोगी माना जाता है.
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आइसोब्यूटिनोल वाले डीजल के फायदे
जैसे ई-85 फ्यूल के कई सारे फायदे हैं, वैसे ही आइसोब्यूटिनोल वाले डीजल के भी बहुत सारे फायदे हैं. यहां जानें:
- इससे डीजल की कुल लागत कम करने में मदद मिल सकती है.
- आइसोब्यूटिनोल मिले डीजल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी.
- इस डीजल की मदद से कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण में कमी आएगी.
- कृषि अवशेष और बायोमास से उत्पादन होने पर किसानों को एक्स्ट्रा इनकम हो सकती है.
- गाड़ी के इंजन की दक्षता और दहन प्रक्रिया बेहतर हो सकती है.
- पारंपरिक डीजल की तुलना में ये ज्यादा पर्यावरण-अनुकूल ईंधन माना जाता है.
- ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है.
बता दें कि सरकार का प्लान है कि डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटिनोल मिलाया जाए, जिससे डीजल की कीमत कम हो सके. इससे जनता की जेब पर असर थोड़ा कम होगा. हालांकि इथेनॉल वाला ईंधन सरकार लॉन्च कर चुकी है लेकिन फिलहाल लोगों को उसके बारे में कम जानकारी है तो वो गाड़ी में इस फ्यूल को भरवाने से बच रहे हैं. ऐसे में डीजल के लिए सरकार का इस तरह रिस्क लेना थोड़ा संशय की स्थिति बना रहा है.
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