लक्ष्य और अनन्या पांडे की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ कम प्रमोशन के बीच सिनेमाघरों में 22 मई को रिलीज हुई थी. फिर इस रोमांटिक ड्रामा को क्रिटिक्स से मिला-जुला रिव्यू मिला जिसके चलते फिल्म में लोगों की दिलचस्पी नहीं दिखी. इसी के साथ इसकी धीमी शुरुआत हुई है. लेकिन ओपनिंग वीकेंड में इसकी कमाई में तेजी देखी गई. चलिए यहां जानते हैं ‘चांद मेरा दिल’ ने रिलीज के तीसरे दिन यानी संडे को कितना कलेक्शन किया है?
‘चांद मेरा दिल’ ने तीसरे दिन कितनी की कमाई?
विवेक सोनी के निर्देशन में बनी ‘चांद मेरा दिल’ का रिलीज से पहली ही खास बज नहीं था. वहीं सिनेमाघरों में दस्तक देने के बाद इसे मोहनलाल की दृश्यम 3 से आयुष्मान खुराना की पति पत्नी और वो दो सहित कई फिल्मों से मुकाबला करना पड़ रहा है. वहीं फिल्म ने शुरुआत तो धीमी की थी लेकिन इसे शनिवार और रविवार की छुट्टी का फायदा मिला है इसी के साथ इसकी कमाई में ओपनिंग वीकेंड पर उछाल देखा गया.
- फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो ‘चांद मेरा दिल’ ने रिलीज के पहले दिन 3 करोड़ से खाता खोला था.
- इसके बाद दूसरे दिन फिल्म ने 3.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया.
- वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबित ‘चांद मेरा दिल’ ने रिलीज के तीसरे दिन यानी संडे को 4.35 करोड़ की कमाई की है.
- इसी के साथ ‘चांद मेरा दिल’ का 3 दिनों का भारत में कुल नेट कलेक्शन 11.10 करोड़ रुपये हो गया है.
चांद मेरा दिल ने तोड़ा दो दीवाने सहर में का रिकॉर्ड
चांद मेरा दिल ने रिलीज के तीसरे दिन भारत में10 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया. इसी के साथ ये बॉलीवुड में 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली रोमांटिक ड्रामा फिल्म बन गई है. बता दें कि इसने जुनैद खान की एक दिन और मृणाल ठाकुर और सिद्धांत चतुर्वेदी की दो दीवाने सहर में के लाइफटाइम कलेक्शन को मात दे दी है.
- चांद मेरा दिल: 11.10 करोड़
- दो दीवाने सहर में: 7.98 करोड़
- एक दिन: 4.3 करोड़
चांद मेरा दिल के बारे में
चांद मेरा दिल का निर्माण करण जौहर, आदर पूनावाला, अपूर्वा मेहता, सोमेन मिश्रा और मारिजके डिसूजा ने किया है. तुषार परांजपे और विवेक सोनी ने फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा है.फिल्म हैदराबाद में कॉलेज के दिनों में मिलने वाले दो किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक-दूसरे से प्यार करने लगते हैं और जल्द ही अन वॉन्टेड प्रेग्नेंसी से जूझने लगते हैं. लड़की बच्चे को रखने का फैसला करती है और दोनों शादी कर लेते हैं हालांकि, दबाव और निराशा के कारण उनका रिश्ता जल्द ही टूटने लगता है. एक कहासुनी काफी हिंसक हो जाती है और तब कहानी में एक टर्निंग पॉइंट आता है


