केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं की परीक्षा में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) के चलते पुनर्मूल्यांकन के लिए रिकॉर्ड चार लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। सीबीएसई के इतिहास में पहली बार किसी परीक्षा में इतनी बड़ी संख्या में पुनर्मूल्यांकन के आवेदन आए हैं।

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हजारों विद्यार्थियों को नहीं मिली आंसर-शीट
मंगलवार को शाम साढ़े चार बजे तक 4,04,319 विद्यार्थी आवेदन कर चुके थे, जबकि गिनती अभी जारी है। वहीं, हजारों विद्यार्थियों को आंसर-शीट मिल ही नहीं पाई, इस कारण वे फिर से मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। खास बात यह है कि 11,31,961 स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं मांगी गई हैं। इसमें से अभी तक 8,98,214 उत्तर पुस्तिकाएं दी जा चुकी हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि 12वीं के नतीजे आने के 14 दिन बीतने के बाद अभी तक विद्यार्थी परेशान हैं।
पोर्टल दोबारा खोलने पर हो सकता विचार
विद्यार्थियों की दिक्कतों को देखते हुए सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए विंडो फिर खोलने पर विचार कर सकता है। यदि विंडो खुलती है, तो चार लाख का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। उत्तर पुस्तिका की प्रति नहीं मिलने से आवेदन से वंचित रह गए विद्यार्थियों का कहना है कि जब तक स्कैन कॉपी नहीं मिलेगी, तब तक कैसे पता चलेगा कि उन्हें कम नंबर क्यों मिले हैं?
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स्कैन कॉपी बेहद धुंधली- शिक्षक
एक शिक्षक ने सोशल मीडिया पर गणित की कॉपी दिखाते हुए कहा, स्कैन कॉपी बेहद ही धुंधली है। ऐसी कॉपी को किसी शिक्षक ने कैसे पढ़ा होगा क्योंकि पढ़ने के बाद ही नंबर दिए होंगे। यही कारण है कि जिन विद्यार्थियों को उत्तर पुस्तिका मिली है, वे सही कह रहे हैं कि उनकी कॉपी ठीक से चेक नहीं हुई है। बोर्ड कॉपियां ठीक से स्कैन ही नहीं कर पाया, इसलिए कॉपियां ठीक जांची नहीं गईं और बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।

