राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र नीमराना में एक हृदयविदारक हादसा हुआ। मोहलडिया गांव स्थित एक निजी कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड की चपेट में आने से चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जिनमें दो पुरुष और दो मासूम बालिकाएं शामिल हैं। घटना के बाद इलाके में कोहराम मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निजी कबाड़ गोदाम में बीती दोपहर के समय अचानक लपटें उठने लगीं। कबाड़ में प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। घटना की सूचना मिलते ही खैरथल-तिजारा जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता और जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए नीमराना, बहरोड़ और आसपास की औद्योगिक इकाइयों से दमकल की गाड़ियों को मौके पर बुलाया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक जान-माल का भारी नुकसान हो चुका था।
#WATCH | Kotputli, Rajasthan: A fire broke out in a scrap warehouse last evening in Neemrana. Four people died in the incident, including two labourers and two girls: SP Satveer Singh
(Visuals from the spot) pic.twitter.com/K1eDkW3Lu4
— ANI (@ANI) April 25, 2026
उपखंड अधिकारी महेंद्र सिंह का बयान
नीमराना उपखंड अधिकारी महेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस भीषण आग में चार लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई। मृतकों में दो पुरुष और दो छोटी बालिकाएं शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये सभी लोग गोदाम परिसर के भीतर ही मौजूद थे और आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक झारखंड से हैं।
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गोदाम के मालिक को हिरासत में ले लिया गया
जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने बताया कि गोदाम के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि गोदाम के संचालन के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र और अग्निशमन सुरक्षा उपकरण वहां मौजूद थे या नहीं।
इलाके में शोक की लहर
इस दर्दनाक हादसे ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मोहलडिया और आसपास के ग्रामीणों में भारी रोष और दुख देखा जा रहा है। फिलहाल, एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया है, ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

