सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा 12वीं के एक छात्र की आंसर शीट जांच में हुई कथित गड़बड़ी पर खूब विवाद हुआ है, जिसकी सोशल मीडिया पर भी चर्चा है। अब इस विवाद को लेकर राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में कहा कि सीबीएसई परीक्षा परिणाम को लेकर भयंकर हेर-फेर हो गया है, जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी हमेशा की तरह शांत हैं और इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
राहुल गांधी ने विवाद को लेकर पूछे ये सवाल
राहुल गांधी ने सीबीएसई परीक्षा कराने वाली कंपनी COEMPT को ठेका दिए जाने पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा, ‘जिस कंपनी COEMPT को परीक्षा परिणाम की जिम्मेदारी दी गई, वह पहले Globarena नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामा कर चुकी है। राहुल गांधी ने कहा, नाम बदला पर नीयत नहीं। इतिहास सबको पता था फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथों में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा!’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यह गलती नहीं बल्कि एक सोचा-समझा षड़यंत्र है। राहुल गांधी ने सवाल पूछे, ‘COEMPT को सीबीएसई का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया? COEMPT पहले ही Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है फिर सीबीएसई को इस बारे में क्यों पता नहीं चला? बैकग्राउंड चेक क्यों नहीं किया गया?’ राहुल गांधी ने पूछा कि COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं?
न्यायिक जांच कराने की मांग
राहुल गांधी ने मांग की कि सीबीएसई विवाद की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए और एसआईटी का गठन किया जाए। राहुल गांधी ने युवाओं से कहा कि ‘आपकी मेहनत, आपका भविष्य कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकेंगे।’
क्या है विवाद
सीबीएसई की ओर से 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ छात्रों ने ऑनस्क्रीन मार्किंग यानी ‘ओएसएम’ की वजह से कम नंबर दिए जाने का आरोप लगाया था। इसके चलते कई छात्रों का जेईई में एडमिशन भी अटक गया। इसके बाद सीबीएसई ने आंसर शीट के पुनर्मूल्यांकन की सुविधा दी। जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी आंसर शीट का पुनर्मूल्यांकन कराया।
ऐसा ही छात्र वेदांत के साथ हुआ, जिन्होंने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद स्कैन कॉपी डाउनलोड की। इसके बाद वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि डाउनलोड की गई कॉपी उनकी नहीं है, इससे उनकी हैंडराइटिंग भी मैच नहीं हो रही है।
वेदांत ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मैं सीबीएसई कक्षा 12वीं का छात्र हूं। फिजिक्स में उम्मीद से बहुत कम अंक आने के बाद हमने सीबीएसई री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के तहत आंसर शीट की फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया। आज हमें कॉपियां मिलीं। मैं बहुत दुखी हूं क्योंकि सीबीएसई की ओर से अपलोड की गई फिजिक्स की आंसर शीट मेरी नहीं है।’ वेदांत के पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने वेदांत की प्रोफाइल के स्क्रीनशॉट शेयर किए। इसमें आरोप लगाए गए कि वेदांत का अकाउंट पाकिस्तान से संचालित हो रहा है। कुछ यूजर्स ने वेदांत को देश विरोधी कहा।


