केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने दावा किया है कि उसकी वेबसाइट पर हुए बड़े साइबर हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। बोर्ड के अनुसार, बुधवार दोपहर वेबसाइट को निशाना बनाकर 38 लाख पैकेट का डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) हमला किया गया था, लेकिन तकनीकी टीमों ने समय रहते इसे रोक दिया। साइबर हमले के बावजूद बोर्ड की ऑनलाइन सेवाएं जारी रहीं और बुधवार रात 9:30 बजे तक उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन तथा पुनर्मूल्यांकन के लिए 56,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

लगातार निगरानी में है पोर्टल
सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी जानकारी में कहा कि उसकी तकनीकी टीमें पोर्टल की कार्यक्षमता पर लगातार नजर रख रही हैं। साथ ही छात्रों को बेहतर और तेज अनुभव देने के लिए सिस्टम में आवश्यक सुधार भी किए जा रहे हैं। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से केवल आधिकारिक सीबीएसई सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
कई बैंकों के पेमेंट गेटवे उपलब्ध
सीबीएसई ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल पर भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI), केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक के पेमेंट गेटवे उपलब्ध हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि फीस जमा करने के लिए छात्रों का इन बैंकों में खाता होना जरूरी नहीं है। वे किसी भी बैंक के खाते से ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं।
एसबीआई के अनुसार, उसके पेमेंट गेटवे के जरिए अब तक 40,000 से अधिक सफल लेनदेन किए जा चुके हैं। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा ने 7,500 से ज्यादा, इंडियन बैंक ने 5,000 से अधिक और केनरा बैंक ने 4,000 से ज्यादा भुगतान सफलतापूर्वक प्रोसेस किए हैं।
पहले भी हुआ था साइबर हमला
सीबीएसई ने मंगलवार को भी जानकारी दी थी कि कुछ दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने री-इवैल्यूएशन पोर्टल को बाधित करने की कोशिश की थी। बोर्ड के अनुसार, मात्र दो मिनट में पोर्टल पर 15 लाख हिट्स दर्ज किए गए थे और एक लाख से अधिक अनधिकृत फाइल एक्सेस प्रयास हुए थे। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के कारण इन प्रयासों को भी विफल कर दिया गया और छात्रों की सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
छात्रों की शिकायतों के बाद किए गए सुधार
हाल के दिनों में कई छात्रों और अभिभावकों ने पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों, भुगतान विफल होने और लॉगिन संबंधी समस्याओं को लेकर शिकायतें की थीं। इसके बाद सीबीएसई ने छात्रों की प्रतिक्रिया के आधार पर कई सुधार लागू किए हैं। बोर्ड ने बताया कि यूजर अनुभव बेहतर बनाने के लिए सेशन टाइम लिमिट बढ़ाई गई है और पोर्टल की स्थिरता में भी सुधार किया गया है।
6 जून तक कर सकते हैं आवेदन
सीबीएसई ने 2 जून को उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी में त्रुटियों की जांच और उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया था। यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी प्राप्त की है। छात्र 6 जून की मध्यरात्रि तक आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कितनी है आवेदन फीस?
बोर्ड के अनुसार, स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका में त्रुटियों की जांच के लिए प्रति उत्तर पुस्तिका 100 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं किसी प्रश्न के पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपये प्रति प्रश्न शुल्क देना होगा। छात्रों को आवेदन करने से पहले सभी विषयों और प्रश्नों का चयन सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी गई है, क्योंकि फ्रीज एंड प्रोसीड टू पेमेंट बटन दबाने के बाद जानकारी में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
आधार सत्यापन अनिवार्य
सीबीएसई ने सुरक्षा कारणों से आधार आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की है। जिन छात्रों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे अपने माता-पिता, अभिभावक या किसी रिश्तेदार के आधार नंबर का उपयोग कर सकते हैं। बोर्ड ने कहा कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और आवेदन तभी मान्य माना जाएगा जब ऑनलाइन शुल्क का भुगतान सफलतापूर्वक पूरा हो जाए। आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सीबीएसई ने एक विस्तृत विजुअल गाइड और ट्यूटोरियल वीडियो भी जारी किया है। बोर्ड का कहना है कि पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों को परिणाम की जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

