भारत में ब्रिक्स समिट 2026 का आयोजन हो रहा है. इसको लेकर अमेरिका बौखला गया है. यूएस की बौखलाहट उसके अखबरों और न्यूज साइट्स पर नजर आ रही है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने ब्रिक्स सम्मलेन पर तंज कसा है. उसने लिखा है कि ब्रिक्स देश एक होने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन एकमत नहीं हैं. उभरती हुई ताकतें पश्चिम का विकल्प चाहती हैं, लेकिन युद्ध उन्हें बांटता है.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, ‘उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के समूह के नेता शनिवार को नई दिल्ली में इकट्ठा होंगे. युद्ध और तेल की बढ़ती कीमतें उनके उस गठबंधन की एकता की परीक्षा ले रही हैं, जो अमेरिका के दबदबे वाली वैश्विक व्यवस्था को बदलना चाहता है.’
उसने लिखा, ‘ब्रिक्स देशों के इस शिखर सम्मेलन में चीन, रूस, ब्राजील और भारत जैसे देश शामिल हो रहे हैं, जिनकी दिलचस्पी पश्चिमी संस्थानों पर दुनिया की निर्भरता कम करने में है. लेकिन इसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देश भी शामिल हैं, जो अमेरिका का सुरक्षा साझेदार है, लेकिन जिस पर ब्रिक्स के ही सदस्य देश ईरान ने हमला किया है.’
ईरान को लेकर क्या लिखा
अमेरिका ईरान को लेकर काफी खफा है. दोनों के बीच चल रहा युद्ध अभी तक खत्म नहीं हो सका है. ईरान को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा, ‘ईरान यह दिखाना चाहता है कि पश्चिमी प्रतिबंधों ने उसे अलग-थलग नहीं किया है, भले ही वह अमेरिका के साथ ऐसे युद्ध में उलझा हुआ है जिसने तेल और अन्य सामानों के लिए अहम स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते को बुरी तरह प्रभावित किया है. हालांकि, ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों की दिलचस्पी ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति और कम कीमतों में है.’
पीएम मोदी को लेकर क्या कहा
एनवाई ने लिखा, ‘मेजबान देश भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह शिखर सम्मेलन भू-राजनीतिक संतुलन बनाने की एक नाजुक कवायद है. भारत, जो लंबे समय से चीन को अपना प्रतिद्वंद्वी मानता रहा है, संस्थापक सदस्य देशों में अकेला ऐसा देश है जो वैश्विक मामलों में बीजिंग का प्रभाव कम करना चाहता है.’
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