तारीख-पर-तारीख… फैजल खान सर के मामले में यही हो रहा है। हर तारीख को सुबह खबर बनती है कि आज होगा फैसला और कुछ घंटे बाद जानकारी अपडेट होती है कि अगली तारीख मिल गई। तारीख मिलने का कारण हर बार अलग बताया जाता है, लेकिन असल वजह एक ही है- फैजल खान सर के वकील का दांव। एक दांव के कारण पटना के सिविल कोर्ट से तारीखें मिलती जा रही हैं और खबरें बनती-बिगड़ती रह रही हैं। मंगलवार को भी सुनवाई थी। तारीख मिल गई। कोर्ट ने अब खान सर के गिरफ्तार बॉडीगार्ड के हथियारों के लाइसेंस संबंधित कागजात मांगे हैं और तीन जुलाई की तारीख मुकर्रर की है। कोर्ट ने और भी कुछ प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए तारीख दी है, लेकिन असल मामला खान सर के वकील ने पटना हाईकोर्ट में तारीख लेकर अटका दिया है।

सिविल कोर्ट में सुनवाई, पटना हाईकोर्ट पर नजर
अब इस मामले को महीनाभर होने जा रहा है। दो जून की रात कोचिंग के सामने हुई दो पक्षों की मारपीट में सामने वाले पक्ष से रौशन आनंद सर को पुलिस ने अगले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था, जबकि आरोप मारपीट-हंगामा की ही फौरी तौर पर साबित हो रहा था। रौशन आनंद को जमानत मिलने तक उनके भाई की नेपाल में संदिग्ध मौत की खबर आ चुकी थी। दूसरी तरफ, फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद गोलीबारी करने के दो आरोप में फैजल खान सर के दो गार्ड की गिरफ्तारी के बाद से यह मामला गंभीर हो गया था। फैजल खान सर को पुलिस ने समय पर गिरफ्तार नहीं किया और कोर्ट ने उन्हें पुलिस की मदद करने की बात पर गिरफ्तारी से छूट भी दे दी। इसी छूट की मियाद कोर्ट से नई तारीखें मिलने के कारण बढ़ रही है। ऐसा लग रहा था कि 20 जून को ही सबकुछ तय हो जाएगा, लेकिन उसके बाद से लगातार तारीखें मिल रही हैं, क्योंकि फैजल खान सर के वकील ने पटना हाईकोर्ट में अलग तरह की अपील दायर कर रखी है। उन्होंने फैजल खान सर के खिलाफ दायर नामजद प्राथमिकी को ही रद्द करने की अपील कर रखी है।
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तीन जुलाई को भी तारीख मिलने की उम्मीद क्यों?
फैजल खान सर के अधिवक्ता की ओर से पटना हाईकोर्ट में प्राथमिकी रद्द कराने की जो अपील दायर की गई थी, उसपर 13 जुलाई की तारीख मिली हुई है। राज्य सरकार से हाईकोर्ट ने चार हफ्ते में जवाब दाखिल करने कहा था कि नामजद प्राथमिकी रद्द करने या नहीं करने को लेकर उसका क्या रुख है? सरकार की ओर से जवाब दाखिल होकर अगली सुनवाई में जब तक समय है, तब तक कानून के जानकार बता रहे हैं कि सिविल कोर्ट में फैजल खान सर के वकील दांव-पर-दांव खेलते रहेंगे और तारीख-दर-तारीख ही मिलती रहेगी। कानून के जानकारों की मानें तो तीन जुलाई को फैजल खान सर के गार्ड के हथियार का लाइसेंस जमा होगा और फिर नई तारीख ले ली जाएगी। विधि विशेषज्ञ कहते हैं कि पटना हाईकोर्ट के रुख को देखने के बाद ही सिविल कोर्ट के लिए फैसला लेना आसान होगा, इसी सोच के साथ फैजल खान सर के वकील ने पटना हाईकोर्ट का रुख किया था।

