उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध में चढ़ावे के रूप में प्राप्त चांदी के रिकॉर्ड में एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। विभागीय ऑडिट में यह खुलासा हुआ है कि एक श्रद्धालु द्वारा दान की गई 110 ग्राम चांदी को मंदिर के स्टॉक रजिस्टर में मात्र 11.099 ग्राम दर्ज किया गया। इस प्रकार, लगभग 99 ग्राम चांदी का हिसाब रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
ऑडिट में खुलासे और मंदिर प्रशासन की चुप्पी
यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब श्रद्धालु राकेश जैन ने मंदिर में 110 ग्राम चांदी का दान दिया था। हालांकि, उस समय स्टॉक रजिस्टर में इसकी प्रविष्टि केवल 11 ग्राम 099 मिलीग्राम के रूप में की गई। विभागीय अंकेक्षण (ऑडिट) के दौरान जब यह विसंगति सामने आई, तो ऑडिट टीम ने मंदिर प्रशासन से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा। रिपोर्ट के अनुसार, अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक मंदिर प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल
इस घटना से यह सवाल उठता है कि आखिर 110 ग्राम चांदी की जगह स्टॉक रजिस्टर में इतनी कम मात्रा किस आधार पर दर्ज की गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। दान में प्राप्त सामग्री के रिकॉर्ड में इस तरह की बड़ी चूक न केवल श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाती है, बल्कि मंदिर के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।