सागर के डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के बी-टेक थर्ड ईयर के एक छात्र ने साइबर सेक्सटॉर्शन (ब्लैकमेलिंग) से तंग आकर बीना के एक लॉज में फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक छात्र की पहचान अमन प्रजापति (22) के रूप में हुई है, जो अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील का रहने वाला था। छात्र की मौत के बाद जब पुलिस ने उसके व्हाट्सएप चैट खंगाले, तो एक खौफनाक साइबर ट्रैप का खुलासा हुआ।
पाकिस्तानी नंबर से आ रही थीं धमकियां
परिजनों के मुताबिक, अमन को पिछले सात महीने (दिसंबर 2025) से एक पाकिस्तानी फोन नंबर और कुछ अन्य संदिग्ध नंबरों से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। साइबर ठग ने अमन के पिता और दोस्तों के मोबाइल नंबर उसे भेजकर धमकी दी थी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो उसके न्यूड (अश्लील) फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। बदनामी के डर से अमन ने पिछले कुछ महीनों में अलग-अलग समय पर करीब 40 हजार रुपये से अधिक की राशि ठगों को ऑनलाइन ट्रांसफर की थी।
सात जुलाई को थी सगे भाई की शादी
अमन चार भाइयों में सबसे छोटा और सबका लाड़ला था। उसके बड़े भाई प्रियातेश की आगामी 7 जुलाई को शादी होने वाली है। प्रियातेश विदिशा में नौकरी करता है और शादी की तैयारियों के लिए सागर आया था। दोनों भाइयों ने 2 जुलाई को एक साथ घर जाने का प्लान बनाया था और अपना सामान भी पैक कर लिया था।
लेकिन पिछले सात महीने से घुट-घुट कर जी रहे अमन का सब्र टूट चुका था। उसे डर था कि शादी के माहौल में रिश्तेदारों और परिवार के बीच उसके फोटो-वीडियो वायरल न हो जाएं। इसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
हॉस्टल में मिली टूटी सिम, लॉज में मिला शव
दो जुलाई की सुबह अमन सागर के तिली क्षेत्र स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास जाने का बोलकर कमरे से निकला। सुबह करीब 9:45 बजे उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया।
भाई जब हॉस्टल पहुंचा तो वहां अमन का पुराना मोबाइल और टूटी हुई सिम मिली। सीसीटीवी फुटेज में वह बस स्टैंड के पास ऑटो से उतरता दिखा, जिसके बाद गोपालगंज थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
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शनिवार को मिला शव: बीना की छोटी बजरिया स्थित लक्ष्मी लॉज के संचालक ने पुलिस को सूचना दी कि एक युवक ने कमरा खोला नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अमन का शव फंदे पर लटकता मिला। लॉज संचालक के अनुसार, अमन ने प्रयागराज जाने की बात कहकर कमरा लिया था।
कर्ज के जाल में भी फंसा था छात्र!
भाई सुनील प्रजापति ने बताया कि साइबर ठगों की लगातार बढ़ती रुपयों की मांग को पूरा करने के लिए अमन ने अपने दोस्तों और घर से भी रुपये उधार लिए थे। उसके मोबाइल में कुछ ऑनलाइन फाइनेंस कंपनियों के नंबर भी मिले हैं, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि उसने ब्लैकमेलर्स को पैसे देने के लिए ऑनलाइन लोन ऐप्स से भी कर्ज ले रखा था।
साइबर सेल की मदद से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। मौके से मिले आधार कार्ड से छात्र की शिनाख्त हुई थी। पुलिस अब छात्र के बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और उन पाकिस्तानी नंबरों की जांच के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है, जिनसे धमकी भरे मैसेज आ रहे थे।

लॉज के बाहर जुटे लोग।

