जिले के पहलगाम के अवूरा इलाके में शनिवार रात को बादल फटने के बाद तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। सैलाब के कारण कई घरों और इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कुछ मकान आंशिक रूप से ध्वस्त हो गए हैं जबकि कई कमरों में अब भी पानी जमा है।

प्रभावित परिवार अपने घरों से सामान निकालने और सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश में जुटे हैं। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन कर रहा है और राहत कार्य जारी हैं। स्थानीय निवासी गुलाम हसन ने घटना को याद करते हुए बताया, अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। मैंने तुरंत अपने बच्चों को घर से बाहर निकाला। कुछ ही देर बाद एक बड़ा पेड़ सीधे मेरे घर पर आ गिरा। रात का भयावह मंजर अब भी आंखों के सामने ताजा है।
एक बुजुर्ग निवासी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में अवूरा में इससे पहले इतना भयावह बादल फटना कभी नहीं देखा। उनके अनुसार, तेज बहाव ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुंचाया और लोग दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, बादल फटने के बाद पूरे इलाके की तस्वीर बदल गई है। कई मकानों में अब भी कीचड़ और पानी भरा हुआ है जबकि लोग अपने टूटे-फूटे घरों को देखकर सदमे में हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की है।
सैलाब ने बदला नालों का रुख
पहलगाम के अवूरा इलाके में बादल फटने के बाद पूरे क्षेत्र का मंजर बदल गया है। सैलाब ने नालों का रुख बदल दिया और कई होटलों व रिहायशी इलाकों में पानी भर गया जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में हालात का जायजा लेने और नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अवूरा-बिजबिहाड़ा सड़क क्षतिग्रस्त, यातायात प्रभावित
पहलगाम के अवूरा क्षेत्र में बादल फटने की घटना के बाद पहलगाम-अवूरा-बिजबिहाड़ा सड़क को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। सड़क के कई हिस्सों में मलबा और तेज बहाव के कारण आवाजाही बाधित हो गई है।
घटना के चलते इलाके में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी ठप हो गई है जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने प्रभावित होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से क्षतिग्रस्त सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बहाली का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हो रही परेशानियों से जल्द राहत मिल सके।
एक पल के लिए लगा अब बच नहीं पाएंगे
पहलगाम के अवूरा क्षेत्र में बादल फटने के बाद का भयावह मंजर लोगों के दिलों में हमेशा के लिए बस गया है। सैलानियों का कहना है कि तेज सैलाब और अफरा-तफरी का वह दृश्य शायद ही कभी भुलाया जा सके। नागपुर (महाराष्ट्र) से आईं पर्यटक सुनीता चौधरी ने घटना को याद करते हुए कहा, एक पल के लिए लगा कि अब बच नहीं पाएंगे। पहली बार मौत को इतने करीब से देखा लेकिन होटल में काम करने वाले कर्मचारियों ने समय रहते हमारी मदद की और सुरक्षित बाहर निकाला।
लोग फरिश्ते होते हैं, यह सिर्फ सुना था लेकिन उस दिन हमने इसे सच होते देखा। वहीं, होटल मालिक ने बताया कि बादल फटने के बाद चारों ओर पानी का तेज बहाव था और ऐसा लग रहा था कि सब कुछ बह जाएगा। उन्होंने कहा कि उस समय होटल में कुछ महिला पर्यटक अपने परिवारों के साथ ठहरी हुई थीं। नुकसान की परवाह किए बिना होटल के कर्मचारियों ने सबसे पहले सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने को प्राथमिकता दी।
विधायक ने अवूरा का दौरा कर लिया नुकसान का जायजा
पहलगाम के विधायक मोहम्मद अल्ताफ अहमद वानी (कालू) ने बादल फटने से प्रभावित अवूरा गांव का रविवार को दौरा किया। विधायक ने मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों को राहत, बचाव और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की बहाली का कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। मोहम्मद अल्ताफ अहमद वानी ने प्रभावित लोगों को आश्वासन दिया कि इस कठिन समय में उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

