आगामी अमरनाथ यात्रा के दौरान देश भर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। श्रीनगर–जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर नवनिर्मित 3.5 किलोमीटर लंबी एटी-03 दक्षिणमुखी (साउथबाउंड) सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। यह यातायात के लिए पूरी तरह तैयार है।

यह सुरंग अमरनाथ यात्रियों के सफर के समय को कम करने, राजमार्ग पर जाम की स्थिति सुधारने और घाटी की ओर जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रामबन जिले में पंथयाल को डिगडोल से जोड़ने वाली इस सुरंग का उद्घाटन अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है। इसके शुरू होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित और हर मौसम में निर्बाध यात्रा का विकल्प मिलेगा क्योंकि यह सुरंग दशकों से सबसे खतरनाक और दुर्घटनाग्रस्त माने जाने वाले खूनी नाला और पंथयाल के भूस्खलन-प्रभावित संवेदनशील हिस्सों को पूरी तरह बायपास कर देगी। विशेषकर मानसून के दौरान यहां पहाड़ियों से पत्थर गिरने और अचानक बाढ़ आने से यात्रा हफ्तों बाधित रहती थी, जिससे अब मुक्ति मिल जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से काम कर रही सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड के तकनीकी प्रबंधक हरीश कुंजा ने बताया कि लगभग 846 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह सुरंग हाईवे के आधुनिकीकरण का एक प्रमुख हिस्सा है। इससे पूरे वर्ष बिना किसी रुकावट के सड़क संपर्क बना रहेगा। इस बड़ी कामयाबी का स्थानीय लोगों, अमरनाथ श्राइन बोर्ड, परिवहन व्यवसायियों और पर्यटन क्षेत्र ने व्यापक स्वागत किया है। सबका मानना है कि यह सुरंग क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के सुरक्षित सफर के लिए एक बड़ा ”गेम-चेंजर” साबित होगी।