राजधानी दिल्ली में वसंत विहार स्थित वसंत एनक्लेव में आर्मी में ब्रिगेडियर और उनके पुत्र पर बदमाशों ने हमला कर दिया। आरोप है कि घर के बाहर लग्जरी कार में बैठकर शराब पी रहे दो युवकों का जब ब्रिगेडियर ने विरोध किया तो आरोपियों ने 8-10 लोगों के साथ मिलकर उसकी पिटाई कर दी। दावा है कि घटना के वक्त पुलिस बदमाशों को रोकने की बजाय मूकदर्शक बनकर खड़ी रही। आरोप है कि पुलिस ने घटना के दो दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की। वहीं, लापरवाही बरतने की वजह से जांच अधिकारी थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया है। दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है।

जानकारी के मुताबिक, 11 अप्रैल की रात करीब 10 बजे ब्रिगेडियर परमिंदर सिंह अरोड़ा अपने बेटे तेजस और पत्नी नताशा के साथ घर के बाहर टहल रहे थे। तभी उनकी नजर मर्सिडीज कार में बैठे दो युवकों पर पड़ी। दोनों युवक खुलेआम शराब पी रहे थे। उन्होंने इसका विरोध किया तो युवक को बुरा लग गया। कुछ ही देर में मामला इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया।
थोड़ी देर में 7-8 अन्य युवक कई गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे और आते ही ब्रिगेडियर के बेटे पर हमला कर दिया। बेटे की पिटाई होते देख जब ब्रिगेडियर ने बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। इस मामले को रक्षा मामलों के जानकार अशोक बिजलवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उठाया। उन्होंने घटना से जुड़े कुछ फोटो और आरोपियों की कार का नंबर भी साझा किया।
मूकदर्शक बनीं रही पुलिस, बदमाश करते पिटाई
ब्रिगेडियर की पत्नी नताशा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। नताशा के अनुसार, मारपीट के दौरान 112 नंबर पर कॉल की गई, जिसके बाद पीसीआर की गाड़ी मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की। न ही पीड़ितों को तुरंत राहत दी। पूरी घटना पीसीआर के सामने ही होती रही और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
काफी देर तक पत्नी थाने में बैठी रही
घटना के बाद घायल ब्रिगेडियर और उनका बेटा वसंत विहार थाने पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। बेटे को ज्यादा चोट आने की वजह से ब्रिगेडियर उन्हें आर्मी अस्पताल लेकर गए। उस दौरान उनकी पत्नी थाने में शिकायत लेकर बैठी रही। काफी देर बैठने के बाद पीड़िता शिकायत देकर परिवार के साथ घर लौट आई। वहीं, घटना के दो दिन बाद सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पुलिस ने पीड़िता नताशा के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
