ईरान और अमेरिका की तरफ से दो हफ्तों के सीजफायर के बाद भी इजरायल ने लेबनान पर ताबड़तोड़ हमले किए. इस हमले में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. द गार्डियन के मुताबिक, इजरायल के हमलों में लेबनान का एक गांव पूरी तरह तबाह हो चुका है. गांव में स्थित घरों को तबाह कर दिया है. यह सब बड़े पैमाने पर हुए धमाकों की जरिए किया गया है. यहां के लोगों ने कहा है कि हमारे गांव में सबकुछ खत्म हो गया है. पूरे घर तबाह कर दिए गए हैं.
गार्डियन की खबर के मुताबिक, इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर तीन वीडियो जारी किए. इनमें इजरायल ने बॉर्डर पर स्थित तैबेह नकौरा और देर सेरियन गांवों में बड़े पैमाने पर धमाके किए. लेबनान की मीडिया ने भी कई बड़े धमाकों का दावा किया है. हालांकि इन इलाकों के सैटेलाइट तस्वीरें जारी नहीं की गई है.
इन इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई उस वक्त की गई, जब इजरायल के रक्षामंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि नॉर्थ इजरायल में रहने वाले लोगों पर खतरा मंडरा रहा है. इन्हें रोकने के लिए बॉर्डर स्थित घरों को नष्ट किया जाए.
इस हमले को उसी तरह अंजाम दिया गया, जिस तरह से गाजा के रफाह और बेत हनौन में हमले किए गए थे. इजरायली सेना ने दक्षिणी गाजा के 90 प्रतिशत घरों को नष्ट कर दिया था. इस कार्रवाई के बाद इजरायल पर नरसंहार का आरोप लगा था. इस कार्रवाई को डोमिसाइड का नाम दिया गया था.
इजरायल का कहना- हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को बनाया जा रहा निशाना
इस कार्रवाई पर इजरायल की सेना का कहना है कि इन तोड़फोड़ कार्रवाई के जरिए हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है. खासकर सुरंगे और सैन्य ठिकाने. सेना का दावा कि इस सशसत्र समूह इन ठिकानों को नागरिकों के घरों के भीतर छुपा रखा है.
इजरायल का कहना है कि वह दक्षिणी लेबनान पर एक बड़े हिस्सा पर कब्जा कर लेगा. साथ ही लिटानी नदी तक फैले पूरे इलाके में एक सुरक्षा क्षेत्र स्थापित करेगा. विस्थापित लोगों को अबतक अपने घरों में लौटने की इजाजत नहीं दी जाएगी. अगर इजरायल हमले नहीं रोकता है, तो यहां विस्थापन लंबे समय तक चल सकता है. इधर मानवाधिकार ग्रुप ने इन रिमोट से किए बड़े धमाके को एक तरह से मनमानी और अंधाधुंध तबाही करार दिया है. यह क्राइम ऑफ वॉर की कैटेगिरी में आता है.
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