अमेरिका में काम करने के लिए इस साल दो लाख से भी ज्यादा लोगों ने एच-1बी वीजा के लिए एक लाख डॉलर शुल्क दिया है. अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के मंत्री मार्कवायने मुलिन ने बताया कि दो लाख से अधिक लोगों ने एक लाख अमेरिकी डॉलर शुल्क देकर प्राथमिकता के आधार पर अपने आवेदन का निपटारा कराने का विकल्प चुना.
मार्कवायने मुलिन मंगलवार (2 जून, 2026) को सीनेट की विनियोग उपसमिति में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में डीएचएस को एच-1बी वीजा के लिए करीब 2.86 लाख आवेदन मिले हैं. उन्होंने उस वक्त यह जानकारी दी जब अमेरिकी सीनेटर सुसैन कॉलिंस ने ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी पर चिंता जताई. मुलिन ने कहा कि 2.86 आवेदकों में से दो लाख लोगों ने एक लाख डॉलर देकर प्राथमिकता के आधार पर आवेदन का विकल्प चुना है. उन्होंने बताया कि यह फीस देने वालों के आवेदनों का निपटारा ज्यादा तेजी से किया जाएगा.
मुलिन ने बताया कि एक लाख डॉलर शुल्क देने वाले आवेदनों का निपटारा लगभग 15 दिन में हो जाता है, जबकि सामान्य आवेदनों का निपटारा करने में करीब साढ़े सात महीने लगते हैं. अमेरिकी सीनेटर कॉलिंस ने उपसमिति को बताया कि मेन राज्य के उत्तरी हिस्से के ग्रामीण क्षेत्र प्रेस्क आइल के एक अस्पताल को विदेश से बेहद जरूरी सर्जन बुलाने के लिए यह शुल्क चुकाना पड़ा है.
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कॉलिंस ने पूछा, ‘क्या आप इस बात पर विचार करेंगे कि मेडिकल प्रोफेशनल्स को इस शुल्क से छूट दी जाए, अगर कोई समुदाय यह साबित कर सके कि वहां कोई उपयुक्त चिकित्सक उपलब्ध नहीं है?’ इस पर मुलिन ने आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में संभावित समाधान तलाशेंगे और देखेंगे कि क्या ऐसे मामलों में परिस्थितियों के आधार पर कुछ नरमी बरती जा सकती है.

कॉलिंस ने कहा, ‘कैलिफोर्निया और सिलिकॉन वैली में काम करने के लिए किसी दूसरे देश से कंप्यूटर विशेषज्ञ लाने और उत्तरी मेन के किसी ग्रामीण अस्पताल के लिए अत्यंत आवश्यक सर्जन लाने में बहुत बड़ा अंतर है.’ वहीं, अलास्का से रिपब्लिकन सीनेटर लीसा मुर्कोव्स्की ने अपने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया.
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