तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के बीच विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की मुश्किल बढ़ गई है। तिरुपुर जिला पुलिस ने उनके खिलाफ चुनाव प्रचार में एक बच्चे को कथित तौर पर शामिल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार को धारापुरम शहर में पेरियार की प्रतिमा के पास एक चुनावी सभा हुई थी। इसी सभा से जुड़ी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि बच्चे से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक तरीके से बात कराई गई। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल पुलिस ने यह नहीं बताया है कि किस-किस कानूनी धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है।

बच्चे को चुनाव प्रचार में शामिल करने पर मामला क्यों दर्ज हुआ?
धारापुरम विधानसभा क्षेत्र में इस समय आदर्श आचार संहिता लागू है। पुलिस ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार बच्चों को चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसी निर्देश का हवाला देते हुए पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, शनिवार की चुनावी सभा में एक बच्चे को प्रचार प्रक्रिया में शामिल किया गया। आरोप यह भी है कि बच्चे से मुख्यमंत्री को लेकर आपत्तिजनक बात कहलवाई गई। हालांकि पुलिस की ओर से बच्चे के कथित बयान को सार्वजनिक नहीं किया गया है। बच्चे की पहचान और उसकी उम्र भी नहीं बताई गई है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि बच्चे को प्रचार कार्यक्रम में किस तरह शामिल किया गया था।
पुलिस की जांच में अभी किन सवालों के जवाब बाकी हैं?
पुलिस ने मामला दर्ज करने की पुष्टि की है, लेकिन जांच के कई हिस्से अभी साफ नहीं हैं। पुलिस के बयान में यह नहीं बताया गया कि शिकायत किस व्यक्ति, राजनीतिक दल या चुनाव अधिकारी की ओर से की गई। शिकायतकर्ता का नाम भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि आरोप सही साबित हुए हैं। जांच के दौरान बच्चे को प्रचार में शामिल करने की परिस्थितियों और उदयनिधि की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने यह भी नहीं बताया कि उदयनिधि से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया है या नहीं। मामले की जांच धारापुरम थाने की पुलिस कर रही है।
धारापुरम उपचुनाव में यह मामला क्यों अहम है?
धारापुरम में विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। मतदान 6 अक्टूबर को होना है और चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को खत्म होना है। ऐसे समय में चुनाव प्रचार से जुड़ा यह मामला राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस की कार्रवाई सीधे तौर पर चुनावी गतिविधि में बच्चे को शामिल करने के आरोप से जुड़ी है। अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इसलिए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। पुलिस को यह देखना है कि कार्यक्रम में वास्तव में क्या हुआ, बच्चे को किस परिस्थिति में प्रचार में शामिल किया गया और उदयनिधि की इसमें क्या भूमिका थी। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि मामले में कौन सी कानूनी धाराएं लगाई गई हैं।
अब पुलिस की जांच में आगे क्या सामने आ सकता है?
पुलिस ने कहा है कि धारापुरम थाने में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच में शनिवार की सभा से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्ष जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा सकता है। अभी पुलिस ने यह नहीं बताया है कि जांच कब तक पूरी होगी। उदयनिधि की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया भी पुलिस के बयान में शामिल नहीं है। इसलिए फिलहाल मामला आरोप और जांच के स्तर पर है। आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव प्रचार से जुड़ी गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।

