लोकप्रिय विषय मौसम क्रिकेट ऑपरेशन सिंदूर क्रिकेट स्पोर्ट्स बॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस लाइफस्टाइल देश विदेश राशिफल आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

छत्तीसगढ़ से ग्राउंड रिपोर्ट:कैसे बदल रहा बस्तर? पंडुम कैफे में काम करने वाले पूर्व नक्सलियों ने बताई कहानी – Bastar-ground-report-former-maoists-pandum-cafe-jagdalpur-change Cg News

[wplt_featured_caption]

---Advertisement---

छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाले नेशनल हाईवे तीस पर स्थित केशकाल की घाटी को बस्तर का प्रवेश द्वार कहा जाता है। इस घाटी को पार करते हुए जैसे ही हम कुछ घंटे बाद जगदलपुर पहुंचे, तो शाम के छह बज चुके थे। हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। जगह थी जिला मुख्यालय में स्थित सिटी कोतवाली के पीछे आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘पंडुम कैफे’। इस कैफे में कुछ पूर्व आत्मसमर्पित माओवादियों के साथ हिंसा से प्रभावित लोग भी काम करते हैं। इस दौरान पूर्व माओवादियों ने बीते हुए दिनों और मौजूदा बस्तर को लेकर अपनी बात रखी है। इस ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए, उन्होंने क्या-क्या बताया?

‘अब देश-भर से लोग बस्तर घूमने आ रहे’

आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व माओवादी और ‘पंडुम कैफे में काम करने वाले हेमुधर नाग बताते हैं, ”यदि आप 2009-10 के बस्तर की बात करेंगे तो वे दिन बहुत कठिन थे। जनसुविधाओं का बड़े पैमाने पर अभाव था। आप सोचिए, ऐसी-ऐसी जगहें थीं, जहां बाइक तो छोड़िए, पैदल जाने में भी कठिनाई होती थी। मैं अपने गांव चंदेला की बात करूं तो वहां बाइक नहीं जा पाती थी। हेलीकॉप्टर से राशन पहुंचाया जाता था। अब मेरे गांव में बिजली, सड़क और आंगनवाड़ी है। मैं ऐसे ही जनसुविधाओं से युक्त बस्तर चाहता हूं।”

बस्तर।

हेमुधर उर्फ पवन नाग (36) पूर्व में आठ वर्षों तक माओवादियों के साथ रह चुके हैं। उनका गांव चंदेला, थाना मारडुम में स्थित है। पवन नाग जब कक्षा पांचवीं में पढ़ रहे थे, तभी उनके घर पर माओवादियों का आना-जाना लगा रहता था। यहीं से वह माओवादियों की पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 28 मई 2016 को जगदलपुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। अब पांडुम कैफे में काम कर रहे हैं। अपनी जिंदगी को एक नए तरीके से जी रहे हैं।

यहां के हालात पर वो कहते हैं कि पहले लोग बस्तर आने को तरसते थे। माओवादियों के खौफ की वजह से लोग डरते थे। अब लोग आसानी से आ-जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों से लोग हमसे मिलने आ रहे हैं। सरकार से मैं यह चाहता हूं कि बस्तर में जहां विकास नहीं है और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, वहां जनसुविधाओं की पहुंच बने। अच्छी सड़कें, बिजली और इलाज की व्यवस्था हो। 

Source link

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

नोएडा की सबसे ऊंची इमारत से सुसाइड:’छोड़ दो नहीं तो तुम्हें भी लेकर कूद…’, एसी तकनीशियन ने बताई पूरी कहानी – Suicide From Noida Tallest Building Ac Technician Altaf Who Tried To Save Sambhav Jain Recounted Entire Story

लास्ट डेट आज:सीएसआईआर-एनजीआरआई में 21 तकनीशियन पदों पर भर्ती, 10वीं-आईटीआई वालों के पास आवेदन का आखिरी मौका – Csir-ngri Technician Recruitment 2026 21 Posts Application Deadline Today Check Eligibility And Salary

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद में सियासी हलचल तेज:आरिफ मसूद ने कलेक्टर-एसपी से की मुलाकात, बोले- मीनार कैसे गिरा? – Ujjain Shahi Masjid Controversy Mla Arif Masood Meets Collector And Sp Demands Answers Over Demolished Minaret

ईरान पर अमेरिका की आर्थिक नाकेबंदी:राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन बोले- नई व्यवस्था अपनाई; क्या है रणनीति? – Iran’s Pezeshkian Says Tehran “adopted A New Arrangement” To Counter Stricter Us Sanctions

एक्सप्लेनर:कैसे मिलता है शांति का नोबेल? दौड़ में अंतरिक्ष स्टेशन, ईरान से जंग छेड़ने वाले ट्रंप, और भी नाम – Explainer: How Is The Nobel Peace Prize Awarded? The Iss, Trump And Other Names In The Race

Up:प्रदेश के हर जिले से पूरी तरह से विदा हुआ मानसून, धूप बढ़ने से दिन और रात के तापमान में दस डिग्री का अंतर – Up: Monsoon Has Completely Withdrawn From Every District In The State, 10-degree Difference Between Day And Ni

Leave a Comment