नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज, वैशाली और मुजफ्फरपुर के कई गांव डूब चुके हैं। लोग ऊंचे स्थान पर पलायन कर चुके हैं। बाढ़ के कारण इस इलाके में हाहाकार मचा है। अब इस बाढ़ की भयावहता अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों में भी दिखाई दे रही है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने दो अक्टूबर को ‘रेन्स स्वैम्प द गंडक रिवर’ यानी बारिश से गंडक नदी में आई बाढ़ शीर्षक से रिपोर्ट प्रकाशित की है। नासा ने गंडक नदी की बाढ़ से जुड़ी उपग्रह तस्वीर को ‘इमेज ऑफ द डे’ यानी दिन की तस्वीर के रूप में भी जारी किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नेपाल में 24 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश के कारण गंडक नदी में बड़ी मात्रा में पानी पहुंचा। इसके बाद नदी का जलस्तर कई स्थानों पर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। कई जगह तटबंधों के ऊपर से पानी बहने और उनके टूटने की स्थिति भी बनी।

उपग्रह तस्वीरों में दिखा गंडक का बदला स्वरूप
नासा ने अपने टेरा और एक्वा उपग्रहों पर लगे मॉडिस उपकरण से ली गई तस्वीरों के जरिए गंडक नदी की स्थिति का आकलन किया है। 20 सितंबर और 29 सितंबर की तस्वीरों की तुलना में नदी और आसपास के इलाकों में बाढ़ के पानी का फैलाव स्पष्ट दिखाई देता है। तस्वीरों में कई स्थानों पर गंडक नदी सामान्य स्थिति की तुलना में काफी चौड़ी दिखाई दे रही है। तस्वीर में बगहा से लेकर सारण तक काफी नदी की चौड़ाई काफी अधिक दिख रही है। आसपास के खेतों और निचले इलाकों में भी पानी का फैलाव नजर आ रहा है।
2008 की कोसी त्रासदी में भी नासा ने जारी की थी तस्वीर
गंडक की मौजूदा बाढ़ पर नासा की रिपोर्ट ने वर्ष 2008 की कोसी त्रासदी की याद भी ताजा कर दी है। उस समय भी नासा ने कोसी नदी में आई भयावह बाढ़ और नदी के बदलते स्वरूप को उपग्रह तस्वीरों के माध्यम से दुनिया के सामने रखा था। 27 अगस्त 2008 को नासा ने कोसी नदी की बाढ़ पर रिपोर्ट और उपग्रह तस्वीर प्रकाशित की थी। तस्वीरों में बाढ़ के बड़े पैमाने पर फैलाव और नदी के बदले हुए प्रवाह को स्पष्ट रूप से देखा गया था। अब 18 साल बाद गंडक नदी की बाढ़ की तस्वीरें भी यह दिखा रही हैं कि नेपाल में हुई भारी बारिश का असर बिहार तक किस बड़े स्तर पर पहुंचा है। हालांकि तीन अक्टूबर की शाम के आंकड़ों में गंडक के कई माप केंद्रों पर जलस्तर में कमी का रुझान भी सामने आया है।
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देवघाट में 11.94 मीटर पहुंचा गंडक का जलस्तर
नासा की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के देवघाट में 27 सितंबर को गंडक नदी का जलस्तर 11.94 मीटर दर्ज किया गया। यह 1960 के दशक में जलस्तर की माप शुरू होने के बाद वहां दर्ज किया गया सबसे ऊंचा जलस्तर बताया गया है। भारत में भी गंडक नदी के कई माप केंद्रों पर नए रिकॉर्ड उच्चतम जलस्तर दर्ज किए गए। इनमें बगहा, डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज शामिल हैं।
तीन जगह अब भी खतरे के निशान से ऊपर पानी
जल संसाधन विभाग की ओर से तीन अक्टूबर की शाम छह बजे के जलस्तर के आंकड़ों के अनुसार गंडक नदी डुमरियाघाट, रेवाघाट और लालगंज में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। विभाग के अनुसार डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर 62.90 मीटर है। यहां पर खतरे का स्तर 62.22 मीटर है। वहीं रेवाघाट का जलस्तर 54.51 मीटर है। यहां खतरे का स्तर 54.41 मीटर है। वहीं लालगंज में गंडक का जलस्तर 51.58 मीटर है। यहां पर खतरे का स्तर 50.50 मीटर है। हालांकि इन तीनों स्थानों पर जलस्तर में गिरावट का रुझान दर्ज किया गया है। वहीं बगहा में शनिवार शाम छह बजे गंडक का जलस्तर 88.96 मीटर था। यहां खतरे का जलस्तर 89.40 मीटर है।

