विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश संगठन में बदलाव के जरिये सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष और राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी के शीर्ष संगठन में ब्राह्मण, मुस्लिम और दलित प्रतिनिधित्व का समीकरण उभरकर सामने आया है। पार्टी का यह कदम अलग-अलग सामाजिक समूहों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने और यूपी में अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम की जून में प्रदेश प्रभारी के तौर पर नियुक्ति के बाद संगठन में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब मोना के जरिये ब्राह्मण और महिला चेहरे को आगे किया गया है, जबकि सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और अल्पसंख्यक वर्ग पर भी फोकस किया गया है। इसके अलावा देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। इससे संगठन में पिछड़े और दलित वर्ग को भी प्रतिनिधित्व मिला है।

