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हार्ट पेशेंट के लिए सोने की सही पोजीशन क्या है? सोते समय होने वाली इन परेशानियों पर दें खास ध्यान

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Sleeping Position for Heart Patients: हम सब यही मानते हैं कि नींद का मतलब सुकून से आराम करना है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर किसी को दिल की बीमारी यानी हार्ट की प्रॉब्लम है, तो रात में शरीर का महसूस करने का तरीका कई बड़े इशारे दे सकता है? सोते समय सांस लेने में तकलीफ होना, सीने में अजीब सी बेचैनी महसूस होना या बार-बार नींद का टूट जाना, ये कुछ ऐसी बातें हैं जिन्हें हमें कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अक्सर लोग पूछते हैं कि हार्ट पेशेंट के लिए सोने की सबसे सही पोजीशन कौन सी है? सच तो यह है कि हर मरीज के लिए कोई एक फिक्स पोजीशन नहीं होती. यह पूरी तरह आपकी दिल की बीमारी, आपके लक्षणों और आपकी ओवरऑल हेल्थ पर निर्भर करता है.

दिल के डॉक्टर्स भी यही कहते हैं कि अगर आपकी बीमारी कंट्रोल में है, तो आप उसी पोजीशन में सोएं जिसमें आपको सबसे ज्यादा आराम मिले, सांस आसानी से आए और कोई परेशानी न बढ़े. याद रखिए, सोने की कोई भी पोजीशन बीमारी का इलाज नहीं है, यह सिर्फ रात को आराम दे सकती है. इसलिए सिर्फ करवट बदलने के बजाय अपनी बीमारी के लक्षणों को समझना और उन पर ध्यान देना सबसे ज्यादा जरूरी है.

sleeping position for heart patients
sleeping position for heart patients

क्या बाईं करवट सोना दिल के लिए खराब है?

लोगों के बीच यह बात बहुत कॉमन है कि हार्ट पेशेंट को बाईं तरफ मुंह करके नहीं सोना चाहिए, क्योंकि दिल शरीर के बाईं तरफ होता है. लेकिन असल में ऐसा नहीं है. दिल हमारी छाती के अंदर सुरक्षित रहता है और बाईं तरफ करवट लेकर सोने से आम तौर पर उसे कोई नुकसान नहीं होता. हालांकि, कुछ लोगों को बाईं तरफ करवट लेकर लेटने पर अपनी धड़कन ज्यादा महसूस हो सकती है या अजीब सा लग सकता है. डॉक्टर्स के मुताबिक, अगर बाईं करवट सोने में दिक्कत हो रही है, तो करवट बदलकर दाईं तरफ सो जाएं या शरीर के ऊपरी हिस्से को थोड़ा ऊंचा करके सोएं, इससे आराम मिल सकता है.

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कब सिर और पीठ को थोड़ा ऊंचा करके सोना चाहिए?

जिन लोगों का दिल थोड़ा कमजोर होता है, उन्हें बिल्कुल सीधा लेटने पर सांस फूलने की शिकायत हो सकती है. ऐसे मामलों में तकिए की मदद से सिर और सीने को थोड़ा ऊपर उठाकर सोने से सांस आसानी से आती है. कुछ लोग ऐसे बिस्तर का भी इस्तेमाल करते हैं, जिसे जरूरत के हिसाब से ऊपर-नीचे झुकाया जा सकता है. लेकिन एक बात बहुत जरूरी है,अगर आपको अचानक आराम से सोने के लिए पहले से ज्यादा तकियों की जरूरत पड़ने लगे, तो इसे सिर्फ सोने की आदत मानकर नजरअंदाज न करें. डॉक्टर्स के अनुसार, ऐसा बदलाव इस बात का इशारा हो सकता है कि आपके दिल की हालत बदल रही है. अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

हार्ट पेशेंट को सोते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

सोने की पोजीशन से ज्यादा जरूरी यह देखना है कि उस पोजीशन में आपका शरीर कैसा महसूस कर रहा है. अगर किसी भी पोजीशन में सांस फूलने लगे, सीने में भारीपन लगे, चक्कर आए या धड़कन अजीब महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें. डॉक्टर्स के अनुसार, दिल कमजोर होने की वजह से जब शरीर में पानी जमा होने लगता है, तो सांस लेने में दिक्कत आ सकती है. ऐसे में बिल्कुल सीधा लेटने पर परेशानी बढ़ जाती है. वहीं, पेट के बल सोना अपने आप में हर इंसान के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन अगर इस पोजीशन में सांस फूलती है या बैचेनी होती है, तो करवट बदल लेना ही बेहतर है.

नींद में सांस रुकने की बीमारी में भी करवट मायने रखती है

नींद में सांस रुकने की दिक्कत को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, कुछ लोगों में नींद के दौरान सांस रुकने की बीमारी पीठ के बल सीधे सोने पर ज्यादा बढ़ जाती है. वहीं, करवट लेकर सोने से राहत मिल सकती है. इसलिए अगर किसी को रात में तेज खर्राटे आते हैं, नींद में सांस रुकती है या बार-बार नींद खुलती है, तो इसे सिर्फ आम खर्राटे मानकर छोड़ना सही नहीं है.

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कब सोने की परेशानी दिल के लिए खतरे की घंटी हो सकती है?

रात में सबसे जरूरी बात सिर्फ यह देखना नहीं है कि आप किस करवट सो रहे हैं, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि आपकी रोज की नींद और शरीर के महसूस करने के तरीके में कोई नया बदलाव तो नहीं आया है. अगर अचानक नींद में सांस फूलने लगे, लेटने पर पहले से ज्यादा सांस लेने में दिक्कत हो, सोने के लिए पहले से ज्यादा तकिए लगाने पड़ रहे हों, या पैरों में सूजन बढ़ने लगे, तो ये दिल की कमजोरी बढ़ने के लक्षण हो सकते हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन सलाह देता है कि ऐसे नए या बढ़ते लक्षणों के बारे में तुरंत डॉक्टर को बताना चाहिए. अगर सीने में नया दर्द उठे, बेहोशी आए, बहुत ज्यादा सांस फूले या सीने के दर्द के साथ पसीना और उल्टी जैसा महसूस हो, तो बिना देर किए तुरंत इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए.

दिल की बीमारी में सबसे जरूरी क्या है?

डॉक्टर्स का मानना है कि किसी एक "परफेक्ट" करवट की तलाश करने में समय बर्बाद करने से ज्यादा जरूरी यह है कि दिल की बीमारी का सही इलाज हो और उसके लक्षणों पर ध्यान दिया जाए. अगर किसी को हार्ट अटैक आ चुका है, दिल का कोई ऑपरेशन या प्रोसीजर हुआ है, या हार्ट कमजोर है, तो सोने से जुड़ी कोई भी सलाह डॉक्टर की दवाओं, रेगुलर चेकअप और विशेषज्ञ की राय के साथ ही माननी चाहिए.

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