फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में कथित तौर पर हुए मिड-एयर हमले ने विमान में सवार यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इस घटना के दौरान भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जिस तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, उसकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तारीफ की और उन्हें ‘हीरो’ बताया।
ट्रंप ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। ट्रंप के मुताबिक, विमान के को-पायलट ने कथित तौर पर पायलट पर हमला किया। उन्होंने हमलावर के बारे में कहा कि वह “शायद आतंकवादी या शायद सनकी” हो सकता है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और हमले का मकसद अभी जांच के दायरे में है।
गंभीर चोट के बावजूद पायलट ने खोला कॉकपिट का दरवाजा
ट्रंप ने कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि पायलट की हालत बेहद खराब थी, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, इसी के बाद विमान में मौजूद यात्रियों और क्रू को कथित हमलावर को रोकने का मौका मिला।
#WATCH | US President Donald Trump says, “I spoke to Benjamin Netanyahu about this incident… It seems as though the co-pilot was perhaps a terrorist or perhaps a whack job, and he stabbed the pilot… The pilot was in very bad shape… But in a way, he was a hero to open the… https://t.co/BtPf9V0O5A pic.twitter.com/k8Yiy4Ftge
— ANI (@ANI) September 30, 2026
इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने भी कैप्टन स्मित मच्छार को ‘हीरो’ बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। मंत्रालय के अनुसार, कॉकपिट में चाकू से हमला किए जाने के बाद भी भारतीय पायलट ने जवाबी प्रयास किया और गंभीर चोटों के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की।
‘हमारे खिलाफ कोई विश्वसनीय खतरा नहीं’
विमान में हुए चाकूबाजी के मामले के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि फिलहाल देश के खिलाफ कोई विश्वसनीय खतरा नहीं है। अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी सचिव मार्कवेन मुलिन ने कहा कि सरकार ऐसी हर घटना को गंभीरता से ले रही है और सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। मुलिन ने कहा कि अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां मौजूदा प्रक्रियाओं की जांच कर रही हैं, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस्राइली यात्री ने भी दिखाई हिम्मत
घटना के दौरान विमान में मौजूद एक इस्राइली यात्री यानिव हयून ने भी कथित हमलावर को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के तेजी से नीचे जाने के दौरान यात्री कॉकपिट की ओर पहुंचे और कथित हमलावर को पकड़कर वहां से हटाया। सीएनएन के अनुसार, हयून ने बताया कि उन्होंने हमलावर को काबू करने के लिए चोकहोल्ड का इस्तेमाल किया और उसे कॉकपिट से बाहर खींच लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित स्थिति में लाने में यात्रियों और क्रू ने सहयोग किया। इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी हयून की तारीफ करते हुए उन्हें ‘सच्चा हीरो’ बताया।
हजारों फीट नीचे गया विमान, फिर सुरक्षित लैंडिंग
रिपोर्टों के अनुसार, घटना के दौरान विमान हजारों फीट नीचे चला गया था। हालांकि, चालक दल और यात्रियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया और विमान ने सऊदी अरब में सुरक्षित लैंडिंग की। इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय, इस्राइली और संयुक्त अरब अमीरात के नागरिकों और क्रू सदस्यों की भूमिका सामने आई है। इस्राइल के भारत में राजदूत रूवेन अजार ने भी कैप्टन स्मित मच्छार और विमान में मौजूद अन्य लोगों के साहस की सराहना की।
हमले की वजह की जांच जारी
फिलहाल घटना के पीछे के मकसद की जांच जारी है। कथित हमलावर की मंशा और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर संबंधित अधिकारी जांच कर रहे हैं। इसलिए हमले को आतंकवाद से जोड़ने वाली किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के परिणाम का इंतजार करना महत्वपूर्ण है। इस घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और विमान में मौजूद यात्रियों तथा क्रू के सामूहिक प्रयासों की भारत, इस्राइल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है।


