
फैसले के पहले से ही दोनों के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा था। मुस्कान पिछले तीन दिनों से सुंदर कांड के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा कर रही थी। वहीं साहिल ने भी दूसरे बंदियों से बातचीत करना बंद कर दिया था। वह जेल की चारदीवारी में अकेला रह रहा था और केवल जेल स्टाफ से ही बातचीत कर रहा था।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान और साहिल ने मंगलवार को प्रार्थना पत्र देकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराने की अपील की थी। उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। दोनों ही फैसला आने को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
बदल गया था व्यवहार
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों पहले जेल में सामान्य जिंदगी व्यतीत कर रहे थे लेकिन 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय होने के बाद से उनके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा। कुछ दिनों से दोनों खानपान भी सही से नहीं ले रहे थे। मुस्कान पहले जेल में सामान्य रूप से रहती थी और पूजा-पाठ भी कर रही थी, लेकिन फैसले से तीन दिन पहले से वह सुंदर कांड के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करने में लगी रही।
सवालों से बचने के लिए साहिल ने बंद कर दी बातचीत
जेल अधीक्षक के अनुसार साहिल खेतीबाड़ी के साथ-साथ दूसरे बंदियों से पहले बातचीत करता था। जेल में बंद दूसरे बंदी उससे फैसले को लेकर सवाल पूछ रहे थे। इसके बाद उसने उनसे बातचीत करना बंद कर दिया। अब वह केवल जेल स्टाफ से ही बातचीत करता था। साहिल से मिलने पहले उसकी नानी आती थी लेकिन वह भी काफी दिनों से मिलने नहीं आ रही है। उसका भाई कभी-कभी उससे मिलने आता है।




