अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने आए उनके प्रतिनिधिमंडल को तय कार्यक्रम से पहले न्यूयॉर्क छोड़कर वापस ईरान जाने का आदेश दिया है। अमेरिका के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के साथ युद्ध के बावजूद ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री समेत उनके प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिए वीजा दिया था।
न्यूयॉर्क में क्यों रुके हुए थे अराघची?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन पिछले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र में संबोधन के एक दिन बाद न्यूयॉर्क से रवाना हो गए थे। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची न्यूयॉर्क में रुके हुए थे। बताया गया था कि वह अमेरिका के साथ परोक्ष वार्ता में हिस्सा लेने वाले थे। इन वार्ताओं का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने, संघर्ष समाप्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत फिर से शुरू करने के मुद्दों पर चर्चा करना था।
रुबियो किस बात पर हुए नाराज?
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, अराघची की बुधवार तक न्यूयॉर्क में रहने की योजना थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सप्ताहांत में ईरान और कतर के मध्यस्थों के बीच हुई बैठकों में कोई खास प्रगति नहीं हुई, जिसके बाद अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का धैर्य जवाब दे गया। अधिकारियों ने बताया कि रुबियो ने सोमवार को ईरानी पक्ष को साफ कर दिया कि अराघची और उनके प्रतिनिधिमंडल को तुरंत न्यूयॉर्क छोड़कर जाना होगा।
एक अधिकारी के मुताबिक, रुबियो का मानना था कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का न्यूयॉर्क में रुकना अब ठीक नहीं है। अधिकारी ने बताया कि रुबियो ने यह भी माना कि संयुक्त राष्ट्र में उच्चस्तरीय बैठकें खत्म हो चुकी हैं और ऐसे में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वापस चले जाना चाहिए। इसके बाद अराघची और उनकी टीम मंगलवार तड़के न्यूयॉर्क से रवाना हो गई।


