
Premanand Maharaj: ऐसा कहा जाता है कि जेन जेड ज्यादा धार्मिक नहीं है और वे पुराने रीति-रिवाजों में विश्वास नहीं रखते हैं. लेकिन सोशल मीडिया के ट्रेंड देखें, तो यह धारणा पूरी तरह सही नहीं लगती. जेन जेड धार्मिक यात्राएं भी कर रहे हैं, उनकी रील बनाकर अपना अनुभव साझा कर रहे हैं और अपने कल्चर को आगे बढ़ाने के लिए उसे फॉलो भी कर रहे हैं.
युवाओं से ऐसे जुड़ते हैं प्रेमानंद महाराज
महाराज जेन जेड के बीच वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज काफी पॉपुलर हैं. हालांकि सोशल मीडिया पर देखें तो पता चलता है कि प्रेमानंद महाराज से हर उम्र के लोग जुड़े हैं, लेकिन जेन जेड भी उनके विचारों को खासा पसंद करती है. ऐसा बताया जाता है कि वे कठिन धार्मिक उपदेशों को युवाओं को सरल भाषा में समझाते हैं और उनके जीवन से जुड़े मुद्दों पर बात करते हैं.
युवाओं की भाषा में धर्म की बात
जेन जेड उन्हें इसलिए भी पसंद करती है, क्योंकि वे बिना गुस्से के बहुत ही प्यार से युवाओं की पढ़ाई, करियर और तनाव को लेकर समाधान बताते हैं. आज जहां प्यार को सिर्फ डेटिंग और आकर्षण से जोड़कर देखा जाता है, वहीं प्रेमानंद महाराज प्रेम का पवित्र और वास्तविक अर्थ समझाते हैं. उनकी यही बातें युवाओं को पसंद आती हैं और कई बार सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहती हैं.
सोशल मीडिया बना जुड़ने का जरिया
इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर उनके वीडियो काफी वायरल होते रहते हैं. इस वजह से डिजिटल पीढ़ी उनसे आसानी से जुड़ जाती है. सोशल मीडिया के जरिए युवा उनके विचार सुनते हैं और धार्मिक विषयों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर समझने की कोशिश करते हैं. यही वजह है कि धार्मिक कंटेंट भी अब युवाओं के सोशल मीडिया फीड का हिस्सा बन रहा है.
युवाओं की बात सुनने पर जोर
प्रेमानंद महाराज जब युवाओं से संवाद करते हैं, तो उन्हें डांटने और दोषी ठहराने के बजाय उनकी बात सुनते हैं और उन्हें सकारात्मक सोच व मानसिक शांति के लिए प्रेरित करते हैं. उनकी यही सहज भाषा और युवाओं से जुड़ी बातें उन्हें डिजिटल दौर में अलग पहचान दिलाती हैं. इसी वजह से कई युवा उन्हें सिर्फ संत के तौर पर नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ी बातों को समझने वाले मार्गदर्शक के रूप में भी देखते हैं.
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