
ऋषिकेश मुखर्जी हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक और एडिटर थे , जिन्होंने आम लोगों की ज़िन्दगी , रिश्तों और परिवार की कहानियों को बहुत ख़ूबसूरती से परदे पर दिखाया. उनकी फिल्मों की यही सादगी और भावनाएँ आज भी उन्हें दर्शकों के बीच ख़ास बनाती हैं. उनकी ये कुछ खास फिल्में हैं, जो आज भी दर्शकों के दिल में बसी हैं.
1969 की फिल्म सत्यकाम में धर्मेंद्र ने ऐसे ईमानदार शख्स का किरदार निभाया था जो हर हाल में सच और ईमानदारी के साथ जीना चाहता था. लेकिन जब उसका सामना असली दुनिया से होता है , तो उसके लिए अपने असूलों पर टिके रहना काफी मुश्किल हो जाता है.
1971 की फिल्म आनंद में राजेश खन्ना ने ऐसे शख्स का किरदार निभाया जो हर पल ख़ुशी से जीना चाहता था इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने डॉक्टर भास्कर का किरदार निभाया था. दोनों की दोस्ती और ज़िंदगी को देखने का नज़रिया इस फिल्म को खास बनाता है.
1972 की फिल्म बावर्ची में राजेश खन्ना ने रघु का किरदार निभाया जो की एक ऐसे घर में काम करने आता था जहा परिवार के सदस्य एक दूसरे के साथ लड़ते रहते थे. रघु अपने अच्छे व्यवहार और प्यार से धीरे-धीरे सबको अपने करीब लाता है और घर का माहौल बदल देता है.
1973 की फिल्म अभिमान में अमिताभ बच्चन और जया बच्चन ने पति-पत्नी का किरदार निभाया था. जब उमा की गायकी को सुबीर से ज्यादा पसंद किया जाने लगा था तो उनके रिश्ते में दूरियां देखने को मिली थी.
1975 की फिल्म मिली में जया बच्चन ने एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया जो अपनी गंभीर बीमारी के बावजूद भी लोगो के बीच खुशियां बांटती रहती थी. फिल्म में उस लड़की की ज़िन्दगी के ज़रिये प्यार , उम्मीद और मुश्किल हालात में भी खुश रहने की कहानी दिखाई गयी थी.

सत्यकाम से लेकर मिली तक ऋषिकेश मुखर्जी ने आम लोगों की ज़िन्दगी और रिश्तों से जुड़ी कहानियाँ परदे परदे पर दिखाई. उनकी फिल्मों का आसान और दिल छू जाने वाला अंदाज़ आज भी लोगों को पसंद आता है.
Published at : 29 Sep 2026 06:56 PM (IST)
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