समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी का शुक्रवार रात संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया। वह कई दिनों से संस्थान के पोस्टऑपरेटिव आईसीयू में भर्ती थे। उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमन ने रामगोविंद चौधरी के निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि चौधरी का संस्थान में उपचार चल रहा था। उन्हें मधुमेह, उच्च रक्तचाप समेत कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं। हालत गंभीर होने के बाद उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया था।
शुक्रवार रात उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और करीबियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी उनके निधन की जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में समर्थक और परिचित एसजीपीजीआई पहुंच गए। उनके निधन से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई।
कई बार विधायक, विधानसभा में संभाली नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी
रामगोविंद चौधरी बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे। वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभाली। समाजवादी पार्टी की सरकारों में वह मंत्री भी रहे। पार्टी संगठन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही और वह सपा के राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। लंबे राजनीतिक जीवन में चौधरी पूर्वांचल की राजनीति में सपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते रहे हैं।


