अगर आप मुंबई, ठाणे, रायगढ़ या पालघर में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए UPI से पेमेंट करते हैं, तो यह जानकारी आपके काम की है. पेट्रोल पंप डीलरों ने UPI पेमेंट पर लगने वाले नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज को लेकर आपत्ति जताई है. डीलरों का कहना है कि इस चार्ज से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा. यही वजह है कि उन्होंने RBI से ईंधन खुदरा कारोबार को इस चार्ज से पूरी तरह छूट देने की मांग की है.
डीलरों ने RBI से क्या मांग की?
मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर के पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने RBI को पत्र लिखकर इस मामले में दाखल देने की मांग की है. एसोसिएशन का कहना है कि अगर उनकी मांग पर कोई समाधान नहीं निकला, तो 15 अक्टूबर से मुंबई के सभी पेट्रोल पंपों पर UPI से पेमेंट की सुविधा बंद किया जा सकता है. हालांकि, यह सिर्फ अभी डीलरों की ओर से दी गई चेतावनी है, न कि लागू हो चुका फैसला है.
प्लांट लगाने से लेकर सब्सिडी तक क्या हैं गोवर्धन योजना के नए नियम? 5 प्वॉइंट्स में समझें
क्यों हो रहा है UPI शुल्क का विरोध?
डीलरों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल बेचने पर मिलने वाला उनका कमीशन मार्जिन साल 2017 से नहीं बढ़ा है, जबकि कर्मचारियों की सैलरी, जमीन और दूसरे खर्च लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में UPI MDR शुल्क लगने से उनकी कमाई पर और ज्यादा असर पद सकता है.
डीलरों के मुताबिक, वे इस अतिरिक्त खर्च को पेट्रोल-डीजल की कीमत से सीधे नहीं जोड़ सकते हैं. इसलिए अगर UPI पर MDR शुल्क लगाया जाता है, तो इसका खर्च सीधे उनके कमीशन से निकल सकता है.
पेट्रोल पंप पर कितने लोग करते हैं UPI से पेमेंट?
एसोसिएशन का कहना है कि एक सामान्य पेट्रोल पंप पर रोजाना करीब 500 से ज्यादा लेन-देन होते हैं. इनमें करीब 80% पेमेंट डिजिटल तरीकों से किए जाते हैं, जबकि 20% पेमेंट नकद के तौर पर की जाती है.
मुंबई जैसे शहरों के पेट्रोल पंपों पर होने वाले करीब 40% UPI लेन-देन 2,000 रुपये से ज्यादा के होते हैं. वहीं हाईवे पर करीब 2,000 रुपये से ज्यादा वाले UPI लेन-देन का हिस्सा करीब 60% बताया गया है.
20 अक्टूबर से सस्ती मिलेगी शराब, 95% सामानों की गिरेगी कीमत, भारत-न्यूजीलैंड FTA से राहत


