मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह आज बदरीनाथ धाम पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। इसके बाद वह धाम में आयोजित देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव में शामिल हुए। सीएम ने बामनी गांव में स्थानीय महिलाओं के साथ पारंपरिक ‘छछाड़ी’ नृत्य किया।
सीएम ने कहा कि बाबा केदार और हमारे सभी पवित्र तीर्थस्थलों की कृपा से तीर्थयात्रा का पहला चरण सचमुच ऐतिहासिक रहा है और इसने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। लगभग 51 लाख तीर्थयात्री और श्रद्धालु पहले ही दर्शन कर चुके हैं, और मानसून के मौसम के बाद अब तीर्थयात्रा का दूसरा चरण शुरू हो गया है। हमारी प्राथमिकता है कि सभी इंतज़ाम सही हों। तीर्थयात्रियों की यात्रा सुचारू हो, दर्शन की व्यवस्था अच्छी हो और उन्हें कोई परेशानी न हो। यात्रा को सुचारू और बिना किसी दिक्कत के पूरा करने के लिए हर स्तर पर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सड़क का काम चल रहा है, और मैंने खुद स्थिति का जायजा लिया है। हाल ही में एक समीक्षा बैठक हुई थी, और हमारा मकसद है कि तीर्थयात्रा का दूसरा चरण भी पहले चरण की तरह ही आसानी से पूरा हो।
#WATCH | Badrinath, Uttarakhand: CM Pushkar Singh Dhami says, “By the grace of Baba Kedar and all our holy shrines, the first phase of the pilgrimage has been truly historic, setting a new record. Approximately 51 lakh pilgrims and devotees have already offered their prayers, and… pic.twitter.com/6PawzToqZT
— ANI (@ANI) September 20, 2026
#WATCH | Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami performed the traditional Chachani dance with local women in Bamani village near Badrinath. pic.twitter.com/qkoWsdVBMs
— ANI (@ANI) September 20, 2026
लोक संस्कृति से सराबोर नजर आई बदरी विशाल की भूमि
भगवान बदरीविशाल की भूमि उत्तराखंडी लोक संस्कृति से सराबोर नजर आई। मौका है देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव का। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक खाद्य सामग्री, जैविक उत्पाद सबकुछ स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी ने पूरे माहौल को और भी खूबसूरत बना दिया।
भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से ऑपरेशन सद्भावना के तहत आयोजित बदरीनाथ धाम स्थित अराइवल प्लाजा में शनिवार को दो दिवसीय देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का उद्घाटन ले. जनरल डीजी मिश्रा ने किया था। हमारी विरासत, हमारा भविष्य, थीम पर आयोजित महोत्सव में गढ़वाली लोकनृत्य, लोक संगीत, पारंपरिक बाद्य यंत्रों व धार्मिक प्रस्तुतियों से पूरा कार्यक्रम सराबोर रहा। पांडव नृत्य, छंतोली नृत्य भी विशेष आकर्षक का केंद्र रहे।
पहले दिन के आखरी में प्रसिद्ध लोक गायिका प्रियंका महर के गीतों के साथ हुआ। प्रियंका महर ने स्वामी जी मेरा चला हिमाचल, पहाड़ों की बांध छौं मि…, सहित विभिन्न गीतों ने सुबह से कार्यक्रम में मौजूद लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। इसके साथ ही प्रथम दिन के कार्यक्रम संपन्न हो गए।
