प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच 12 सितंबर को नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक में भारत-चीन संबंधों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि दोनों देशों के रिश्ते आगे बढ़ाने के लिए एक-दूसरे की चिंताओं को समझना और उनका सम्मान करना जरूरी है. भारत सरकार के अनुसार, मोदी ने संबंधों के लिए आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को आधार बनाने की बात कही.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग हुई इस मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर शांति और स्थिरता को भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी बताया. दोनों नेताओं ने सीमा से जुड़े मौजूदा समझौतों और सहमतियों का पालन करने पर भी जोर दिया. भारत सरकार के मुताबिक, दोनों पक्षों ने सीमा विवाद का निष्पक्ष, उचित और दोनों देशों को स्वीकार्य समाधान तलाशने की प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही, दोनों देशों के बीच हाल के समय में रिश्तों में हुई स्थिर प्रगति का भी स्वागत किया गया.
Bi-Weekly Media Briefing by the Official Spokesperson (September 15, 2026)
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ताइवान और तिब्बत पर भी हुई चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि मोदी और शी की बातचीत में ताइवान और तिब्बत से जुड़े मुद्दे भी सामने आए. चीन की ओर से जारी बैठक के विवरण में भी इन मुद्दों का उल्लेख किया गया था. चीनी पक्ष ने कहा कि ताइवान और तिब्बत को लेकर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और भारत अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा. इन मुद्दों पर दोनों देशों के अपने-अपने रुख हैं, लेकिन बैठक में इन्हें द्विपक्षीय बातचीत के व्यापक संदर्भ में उठाया गया.
व्यापार और आर्थिक रिश्तों पर भी चर्चा
बैठक में केवल सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि व्यापार और आर्थिक संबंधों पर भी बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने व्यापार में असंतुलन और सप्लाई चेन से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की जरूरत बताई. इसके साथ ही दोनों देशों के बाजारों तक अधिक भरोसेमंद और आसान पहुंच बनाने पर भी जोर दिया गया. दोनों पक्षों ने लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने और कारोबार से जुड़े संबंधों को मजबूत करने की जरूरत पर भी सहमति जताई.
पूर्वी लद्दाख के बाद रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश
भारत और चीन के रिश्तों में 2020 में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर पैदा हुए सैन्य तनाव के बाद काफी खिंचाव आया था. इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य करने के लिए कई दौर की बातचीत की है. मोदी और शी की नई बैठक इसी प्रक्रिया के बीच हुई. प्रधानमंत्री मोदी और शी चिनफिंग ने इससे पहले अगस्त 2025 में तियानजिन में मुलाकात की थी. नई दिल्ली में हुई बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने और मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने की जरूरत पर सहमति जताई.
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