वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र में भारतमाला परियोजना के तहत बनाए जा रहे एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन पर गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान एक निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय साइट पर काम कर रहे कई कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे निर्माण क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
छह घायलों का लालगंज रेफरल अस्पताल में इलाज
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को आनन-फानन में लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया। यहां छह घायल कर्मचारियों का इलाज किया गया। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई गई। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल परिसर में भी घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
ग्रामीणों ने किया हंगामा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। ग्रामीणों और घायलों के परिजनों ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर काम कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे और तकनीकी स्तर पर भी जरूरी सतर्कता नहीं बरती जा रही थी। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे की जानकारी मिलते ही प्रोजेक्ट से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी और ठेकेदार मौके से फरार हो गए। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
पुलिस और प्रशासन ने संभाली स्थिति
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को संभाला और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराया। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि लॉन्चर गिरने की वजह किसी तकनीकी खामी थी या निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई।
निर्माण स्थलों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


