उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। जैसे-जैसे चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं, राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो रही है। देश की राजनीति का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अभी से चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। चुनाव को लेकर सियासी दल जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। ऐसे में हम आपको यूपी की सभी विधानसभा सीटों का इतिहास, राजनीतिक सफर और चुनावी गणित बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज चर्चा कानपुर नगर जिले की घाटमपुर विधानसभा सीट की। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
पहले जानते हैं घाटमपुर विधानसभा सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक जिला कानपुर नगर है। जिले में कुल 10 विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बिल्हौर, बिठूर, कल्याणपुर, सीसामऊ, आर्य नगर, कानपुर कैंट (छावनी), गोविंदनगर, किदवई नगर, महाराजपुर और घाटमपुर शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ की आज की कड़ी में हम घाटमपुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। कानपुर नगर की घाटमपुर विधानसभा राज्य के पहले आम चुनाव से ही अस्तित्व में थी। हालांकि इस समय यह अपने मौजूदा स्वरूप में नहीं थी। उस समय इस सीट का नाम घाटमपुर-भोगनीपुर ईस्ट था, जो कि एक दो-सदस्यीय विधानसभा सीट थी। यहां के पहले विधायक दयाल दास भगत और बृज बिहारी मेहरोत्रा बने, उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की।


