न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने बुधवार, 9 सितंबर को घोषणा की है कि वो प्रस्तावित NSE IPO के जरिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के 1.05 करोड़ शेयर बेचेगी. ये प्रस्तावित बिक्री, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया में कंपनी के पास मौजूद कुल शेयरों का 29.83% है.
NSE का ये आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर आधारित होगा, जिससे मिलने वाला पैसा कंपनी के बजाय सेलिंग शेयरधारकों के पास जाएगा.
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कंपनी ने दी जानकारी
कंपनी ने 9 सितंबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि, वो NSE के 1,05,00,000 शेयर बेचेगी. ये संख्या न्यू इंडिया एश्योरेंस के NSE में मौजूद कुल शेयरों का करीब 29.83% है. कंपनी के मुताबिक यs बिक्री जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद NSE के IPO के हिस्से के रूप में की जाएगी.
इस OFS प्रक्रिया के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस ने अपने NSE के शेयरों को 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया है. इसका मतलब है कि IPO के दौरान इन शेयरों को बेचने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है.
खास है NSE का IPO
NSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है. मौजूदा रिपोर्ट्स के मुताबिक IPO का साइज करीब 24,000-30,000 करोड़ रुपये हो सकता है. ये IPO पूरी तरह OFS पर आधारित होगा, यानी NSE खुद नए शेयर जारी नहीं करेगा. मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे और उससे मिलने वाला पैसा उन्हीं शेयरधारकों को जाएगा.
रिपोर्ट्स की मानें तो NSE IPO के लिए कीमत करीब 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर के दायरे में तय हो सकती है. हालांकि आखिरी प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है. IPO सितंबर में आने की उम्मीद है.
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और भी शेयर धारक बेच रहे हिस्सेदारी
बता दें कि NSE के IPO में न्यू इंडिया एश्योरेंस के अलावा कई अन्य संस्थागत शेयरधारक भी अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं. ऐसे में NSE का IPO बाजार में निवेशकों के लिए इस साल के सबसे बड़े और चर्चित सार्वजनिक निर्गमों में से एक माना जा रहा है.

