त्यौहारों के सीजन में जहां चीनी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है, उसी मौसम में चीनी की कीमतों ने होश उड़ा दिए हैं. चीनी की कीमतों में इजाफा होते देख कई लोगों को लग रहा था कि अब त्यौहारों की मिठास कम पड़ जाएगी. लेकिन सरकार और शुगर रिफाइनरीज मिलकर लोगों को थोड़ी राहत देने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. इसी कड़ी में अब शुगर रिफाइनरीज घरेलू बाजार में कई लाख टन चीनी बेचने वाली है.
दरअसल हाल ही में श्री रेणुका शुगर्स के एमडी और सीईओ सुशील कुमार ने बताया है कि भारतीय रिफाइनरियां घरेलू बाजार में करीब ढाई लाख टन चीनी बेचने की प्लानिंग कर रही हैं. जिससे कि बाजार में चीनी के दामों पर लगाम लगाई जा सके.
News Alert ! Indian sugar refineries plan to sell around 2.5 lakh tonnes of refined sugar in domestic market: Shree Renuka Sugars MD & CEO Susheel Kumar.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 9, 2026
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क्यों की जा रही ये कवायद?
सरकार और शुगर रिफाइनरीज चाहती हैं कि इस त्यौहरी सीजन में किसी के भी त्यौहार की मिाठास कम ना हो, ऐसे में उनसे जितना हो पा रहा है उस हिसाब से चीनी के दामों को कम करने की कोशिश की जा रही है. चीनी का ये ढाई लाख टन स्टॉक बेचने का फैसला भी इसी के चलते लिया गया है. हालांकि कुछ दिन पहले ही चीनी के दामों में गिरावट भी देखने को मिली थी. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ताजा आंकड़े पेश कर कुछ दिन पहले ही बताया था कि देश में चीनी का औसत खुदरा भाव पिछले हफ्ते के 65.08 रुपये से घटकर 62.57 प्रति किलो पर आया है.
जनता को नहीं मिली राहत
हैरान करने वाली बात ये है कि चीनी के थोक रेट 17 रुपये प्रति किलो तक गिर गए हैं. लकिन फिर भी जनता को कोई राहत अब तक नहीं मिली है. मिल स्तर (Ex-mill) पर चीनी के दामों में 17 से 20 रुपये प्रति किलो तक की भारी गिरावट आई. बावजूद इसके गली-मोहल्ले में परचून की दुकानों पर आम आदमी को सिर्फ 2 से 3 रुपये कम रेट पर चीनी मिल रही है.
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हालांकि अब उम्मीद है कि आने वाले समय में जब शगर रिफाइनरीज घरेलू बाजार में इस स्टॉक को उतारेंगी, तब जाकर कुछ हद तक लोगों को चीनी के दामों में थोड़ी राहत मिल सके.

