8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी ही बेसब्री से हो रहा है. इसी बीच आयोग की बैठकों का दौर भी लगातार चल ही रहा है. हाल ही में चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को 8वें वेतन आयोग की बैठक हुई है. इस बैठक में पेंशन एसोसिएशन ने भी अपनी मांग रखी है, जिसमें ToR में बदलाव की मांग सबसे बड़ी बताई जा रही है.
क्या है पेंशन एसोसिएशन की मांग?
दरअसल लाइव मिंट के मुताबिक कई पेंशन संगठनों जैसे रिटायर्ड एम्प्लॉयीज वेलफेयर एसोसिएशन (REWA) ने 8वें वेतन आयोग से मांग की है कि वो प्रमुख पेंशनभोगी संगठन, पेंशनभोगियों और उनके परिवारों की पेंशन और पारिवारिक पेंशन में संशोधन के लिए ‘टर्म्स ऑफ रिफरेंस’ (ToR) में बदलाव करें. जिससे कि आने वाले समय में उन्हें इसके अच्छी तरह से लाभ मिल सके.
इसके लिए संगठन ने 7 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र भी लिखा है. इस पत्र के जरिए उन्होंने ये भी कहा है कि वो इस संशोधन में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर्ड हुए पेंशनभोगियों को भी शामिल करें.
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पेशनभोगियों की सरकार से प्रमुख मांगें
REWA यानी पेंशन संगठन ने सरकार से मांग की है कि, 8वें वेतन आयोग के ToR में बदलाव कर ये साफ किया जाए कि आयोग 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सभी पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा करेगा. फैमिली पेंशनर्स की पेंशन में भी संशोधन की सिफारिश करेगा. तो वहीं इस मामले में जब तक नियमों में बदलाव नहीं होता, तब तक सरकार प्रेस नोट या आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करे.
लाखों पेंशनर्स में असमंजस
REWA के मुताबिक देश में करीब 69 लाख पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स हैं. इनमें इस बात को लेकर भ्रम है कि 8वां वेतन आयोग उनकी पेंशन और फैमिली पेंशन में संशोधन की सिफारिश करेगा या नहीं. इसका कारण ये है कि 8वें वेतन आयोग के ToR का एक प्रावधान है. इसमें पेंशन, ग्रेच्युटी और अलग-अलग पेंशन योजनाओं की समीक्षा की बात कही गई है, लेकिन 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स का साफतौर तौर पर जिक्र नहीं है.
REWA ने ये भी कहा कि पहले के वेतन आयोगों के नियमों में पेंशनर्स को लेकर ज्यादा स्पष्टता थी. संगठन के मुताबिक 5वें और 6वें वेतन आयोग के ToR में पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का जिक्र था. वहीं 7वें वेतन आयोग में भी रिटायरमेंट बेनिफिट्स और पुरानी पेंशन में बदलाव की बात स्पष्ट रूप से कही गई थी.
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